मंडी। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में फ्लैश फ्लड में जंगल से बहकर आई लकड़ी को लेकर सिसायत तेज हो गई है। शुक्रवार को कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए थे तो अब उनपर पलटवार हुआ है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची ने अपनी ही पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह राठौर को नसीहत दी है कि वे पहले तथ्यों को वेरिफाई कर लिया करें और उसके बाद ही मीडिया में अपना बयान दिया करें।
मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए खाची ने कहा कि कुछ नेता एसी वाले बंद कमरों में बैठकर सरकार के खिलाफ बोलकर मीडिया की सुर्खियां हासिल करने की फिराक में रहते हैं और बिना तथ्यों को जाने पंडोह डैम में बहकर आई लकड़ी को लेकर कुलदीप सिंह राठौर ने जो बयान दिया है वो गैरजिम्मेदाराना है।
उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर जो चीजें दिखती हैं वह हमेशा सत्य नहीं होती, इसलिए नेताओं को पहले सबकुछ जांच पड़ताल करने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। केहर सिंह खाची ने कहा कि मुझे शिमला में ही इस सारे मामले की रिपोर्ट प्राप्त हो गई थी लेकिन मैंने फिर भी जमीनी स्तर पर आकर सबकुछ स्वयं देखा और उसके बाद ही अब मीडिया के समक्ष बयान दे रहा हूं।
केहर सिंह खाची ने बताया कि उन्होंने खुद मौके पर आकर सारी चीजों को देखा है। वीडियो में जो लकड़ी दिखाई दे रही है वह कोई अवैध कटान नहीं है बल्कि यह जंगल का वो कचरा है जो वर्षों से वहां एकत्रित होता रहता है। जहां बादल फटने की घटनाएं हुई हैं और जहां से यह लकड़ियां बहकर आई हैं वहां पर इंसानों का जा पाना ही संभव नहीं है। ऐसे में अवैध कटान का सवाल ही नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से जंगलों में लकड़ी टूटकर गिरती और सड़ती रहती है। जो बहकर आई हैं यह वही लकड़ी है। अब जो काम की हैं उन्हें निकाला जा रहा है और जो कचरा है वह पानी के साथ आगे बहकर चला गया है। अभी इस पूरे मामले पर किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है और विभाग अपने स्तर पर जांच पड़ताल कर रहा है। उन्होंने मीडिया से भी वास्तविक स्थिति जांचने के लिए स्वयं मौके पर जाने का निवेदन किया।








