किसी भी वर्ग का विजेता प्रत्याशी बन सकेगा कमिश्रर
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए प्रदेश के चार नगर निगमों में मेयर पद अनारक्षित घोषित कर दिया है। सोलन, पालमपुर, मंडी और धर्मशाला में मेयर पद आगामी पांच सालों के लिए अनारक्षित होगा। शहरी विकास विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना के बाद इन नगर निगमों में मेयर पद के लिए अब किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार मेयर बन सकेगा।

राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 36 तथा नगर निगम (निर्वाचन) नियम, 2012 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। अधिसूचना पर शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार के हस्ताक्षर हैं। सरकार के इस फैसले के बाद संबंधित नगर निगमों में राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की रणनीतियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अब तक आरक्षण की स्थिति को देखते हुए चुनावी तैयारियां कर रहे कई नेताओं के लिए नए अवसर खुल गए हैं, जबकि कई संभावित दावेदारों को अपने समीकरण नए सिरे से बनाने होंगे। चारों नगर निगम प्रदेश की राजनीति और शहरी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में मेयर पद को लेकर होने वाली राजनीतिक गतिविधियां आने वाले दिनों में तेज होने की संभावना है। खासकर सोलन, मंडी और धर्मशाला जैसे शहरों में स्थानीय नेतृत्व के कई चेहरे अब खुलकर मैदान में उतरने की तैयारी कर सकते हैं।







