सीएम सुक्खू ने शिक्षा सचिव को स्कूल फीस की एकरूपता पर मांगा प्रपोजल
शिमला। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्रों की फीस एक बराबर होगी। अब सरकारी स्कूलों में छात्रों की फीस को लेकर अलग – अलग डिफरेंस नहीं होगा। मुख्यमंत्री सुक्खविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा सचिव को इस बाबत आदेश जारी कर प्रपोजल मांगा है, जिसमें छात्रों से ली जाने वाली एक्स्ट्रा व सामान्य फीस का ब्यौरा मांगा गया है। दरअसल सीएम सुक्खू को बीते सोमवार को छोटा शिमला की छात्रा ने फीस में एक रूपता न होने का मामला उठाया था। छात्रा ने कहा था कि उन्हें आईटी व कई अन्य कोर्सिंस पढ़ने के लिए अलग से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। जिसकी वजह से आर्थिंक रूप से कमजोर कई छात्र पढ़ाई से वंचित हो रहे है। उसके बाद अब सीएम ने इस पर शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।

जिला उपनिदेशकों को स्कूलवार शुल्क का पूरा ब्यौरा भेजने के निर्देश
बताया जा रहा है कि अब सरकारी स्कूलों में वोकेशनल व आईटी जैसे कई तकनीकि विषयों में पढ़ाई छात्र निशुल्क कर सकती है। फिलहाल सरकारी स्कूलों में फीस व्यवस्था को एक समान बनाने की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के स्कूलों में अलग-अलग ली जा रही फीस को लेकर जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कक्षा नवीं से बारहवीं तक एक समान फीस स्ट्रक्चर लागू करने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को स्कूलवार शुल्क का पूरा ब्यौरा भेजने के निर्देश दिए हैं।
विभाग नई नीति तैयार करने में जुटा
प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में ट्यूशन फीस के अलावा विकास शुल्क, कंप्यूटर फीस, खेल शुल्क और अन्य मदों में अलग-अलग राशि वसूली जा रही है। इसी असमानता को खत्म करने के लिए अब विभाग भी सरकार के आदेशों पर नई नीति तैयार करने में जुट गया है। अभिभावकों की ओर से लंबे समय से फीस में एकरूपता की मांग उठाई जा रही थी। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों में फीस प्रणाली को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभाग ने प्रक्रिया में तेजी लाते हुए सभी जिलों से आंकड़े जुटाने शुरू कर दिए हैं।
प्रदेश के 155 चयनित सीबीएसई सरकारी स्कूलों में फीस का नया ढांचा होगा लागू
प्रदेश के 155 चयनित सीबीएसई सरकारी स्कूलों में भी यही समान फीस ढांचा लागू किया जाएगा। वर्तमान में इन स्कूलों में विभिन्न प्रकार के शुल्क लिए जा रहे हैं, जिन्हें अब निर्धारित मानक के दायरे में लाया जाएगा। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने विभागीय अधिकारियों के साथ फीस स्ट्रक्चर पर चर्चा की है। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद शिक्षा निदेशालय सरकार को अंतिम प्रस्ताव भेजेगा। मंजूरी मिलने के बाद पूरे हिमाचल में सरकारी स्कूलों के लिए एक समान फीस व्यवस्था लागू की जाएगी।
सीबीएसई स्कूलों में बढ़गी फीस
सूत्रों की माने तो इस साल तो सीबीएसई स्कूलों में फीस बढ़ौतरी नहीं होगी। लेकिन अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों 30 से 40 फीसदी फीस बढ़ने की संभावना है। इसका भी प्रस्ताव निदेशालय ने सरकार को भेज दिया है।








