शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस समय मुख्य सचिव से लेकर डीजीपी व वन विभाग के मुखिया की पोस्ट पर एडहॉक नियुक्ति है। यानी इन पदों की जिम्मेदारी अतिरिक्त कार्यभार के रूप में दी गई है। अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हिमाचल सरकार को इस मसले पर खरे शब्दों में सलाह दी है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा है कि अहम पदों पर सक्षम व सही अफसरों की नियुक्ति करनी चाहिए।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा, ‘ये विषय राज्य सरकार का है। सरकार प्रदेश को कैसे चलाना चाहती है, ये सरकार जाने, लेकिन ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि कार्यवाहक नियुक्ति की जगह सही व सक्षम अफसर तैनात हों’।
उल्लेखनीय है कि राज्य में इस समय मुख्य सचिव के पद पर संजय गुप्ता को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसी प्रकार डीजीपी के पद पर भी अशोक तिवारी अतिरिक्त कार्यभार देख रहे हैं। यही हाल, वन विभाग के मुखिया यानी हॉफ की कुर्सी का है। यहां संजय सूद के पास अतिरिक्त कार्यभार है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव पर भी अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसे लेकर एक आरटीआई कार्यकर्ता ने राजभवन को पत्र लिखा था।
भेजने के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा, ‘राजभवन को इस बारे में जो पत्र मिला था, उसे राज्य सरकार को भेज दिया गया है। जो पद खाली हैं, उन पर सक्षम व सही अधिकारी नियुक्त हों’।
उनका संकेत सीधे-सीधे ये था कि एडहॉक की बजाय स्थाई नियुक्ति होनी चाहिए। वहीं, एक अन्य मामले में पालमपुर यूनिवर्सिटी में कुलपति की नियुक्ति नियमों के अनुसार होगी। चांसलर के नाते राजभवन की अपनी भूमिका है। यदि राज्य सरकार चांसलर के नाते राज्यपाल की भूमिका को बायपास करना चाहेगी तो राजभवन की भूमिका को नजर अंदाज नहीं होने दिया जाएगा।