शिमला। हिमाचल प्रदेश में सितंबर की शुरुआत ही मौसम के बिगड़े तेवरों के साथ हुई है। मंगलवार को शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। राजधानी में दोपहर बाद शुरू हुआ बारिश का दौर लगातार जारी रहा, जिससे तापमान में गिरावट के साथ मौसम ठंडा हो गया। उधर, लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रदेश में 60 सड़कें बंद हो गई हैं। मौसम विभाग ने 2 और 3 सितंबर को कुछ जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

कांगड़ा एयरो में सबसे ज्यादा 9 सेंटीमीटर बारिश
पिछले 24 घंटों में कांगड़ा एयरो में सबसे अधिक 9 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
अन्य स्थानों पर दर्ज बारिश:
- जोगिंदरनगर – 5 सेमी
- मुरारी देवी – 5 सेमी
- धर्मशाला – 4 सेमी
- नेरी AWS – 3 सेमी
- पांवटा – 3 सेमी
- घाघस – 2 सेमी
- कसौली – 2 सेमी
- ब्राह्मणी – 2 सेमी
- पालमपुर – 2 सेमी
- भरारी – 2 सेमी
- गुलेर – 2 सेमी
- स्लैपर – 2 सेमी
- बिलासपुर सदर – 2 सेमी
खदराला, सुजानपुर टीरा, कोठी, नगरोटा सूरियां और रोहड़ू में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
2 और 3 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। 2 और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
जिलेवार अलर्ट:
| तारीख | येलो अलर्ट वाले जिले |
|---|---|
| 2 सितंबर | कांगड़ा, मंडी, सिरमौर |
| 3 सितंबर | कांगड़ा, सिरमौर |
| 4-7 सितंबर | बारिश की संभावना, कोई विशेष चेतावनी नहीं |
2 और 3 सितंबर को किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

गरज-चमक और तेज हवाओं का भी खतरा
2 से 5 सितंबर के बीच निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। हालांकि अधिकतम तापमान में बड़े बदलाव का अनुमान नहीं है।
बारिश से 60 सड़कें बंद, मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित
लगातार बारिश और भूस्खलन का असर प्रदेश के सड़क नेटवर्क पर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार शाम तक प्रदेश में 60 सड़कें अवरुद्ध थीं।
इनमें:
- मंडी – 26
- कुल्लू – 12
- कांगड़ा – 7
- अन्य जिलों में भी कई सड़कें प्रभावित
बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में सफर करने वाले वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित
बारिश का असर बिजली और पेयजल सेवाओं पर भी पड़ा है। कुल्लू में 11 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने की सूचना है। वहीं प्रदेश में 39 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
जिलेवार स्थिति:
- बिलासपुर – 14
- हमीरपुर – 12
- नाहन, सिरमौर – 11
- रामपुर, शिमला – 2
कालका-शिमला हेरिटेज रेल सेवा भी बंद
बारिश के कारण कालका-शिमला हेरिटेज रेल लाइन पर भी परेशानी बनी हुई है। सोलन जिले में रेल ट्रैक के एक पुल के नीचे मिट्टी धंसने के बाद इस रूट पर रेल सेवा पिछले तीन दिनों से बंद है। रेलवे ने अगले आदेश तक ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। मंगलवार को भी इस ऐतिहासिक रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही नहीं हुई।
मानसून में अब तक 259 लोगों की मौत
इस मानसून सीजन में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश में अब तक 259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 468 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी लापता हैं। सड़क हादसों में 153, भूस्खलन, अचानक बाढ़, पानी में बहने, फिसलने और अन्य घटनाओं में 106 की मौत हो चुकी है ।
1202 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
प्राकृतिक आपदाओं और भारी बारिश ने प्रदेश की संपत्ति को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
अब तक:
- 460 मवेशियों की मौत
- 105 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त
- 451 मकानों को आंशिक नुकसान
- 17 दुकानें ध्वस्त
- 397 पशुशालाएं क्षतिग्रस्त
- करीब 1,202 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान
सरकारी आकलन के अनुसार लोक निर्माण विभाग को अकेले करीब 914 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।








