शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने लाहौल-स्पीति जिले के उप मंडल केलांग और चंबा जिले के उप मंडल पांगी में पंचायती राज संस्थाओं को तत्काल प्रभाव से भंग करने के सरकार के 24 जून, 2026 के विवादित अधिसूचना और उसमें किए गए बदलावों पर तुरंत अंतरिम रोक लगा दी है।

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता और उनके जैसे अन्य प्रतिनिधि अगले आदेश तक अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। खंडपीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता दीपक चौहान और अन्य की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास एक निहित कानूनी अधिकार है। इसलिए, 24 जून 2026 की अधिसूचना दोषपूर्ण है, क्योंकि याचिकाकर्ताओं और अन्य लोगों के पद पर बने रहने के अधिकार को इस तरह छीना नहीं जा सकता।








