कुल्लू। देवभूमि हिमाचल की आस्था और संस्कृति का प्रतीक माने जाने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की शुरुआत वीरवार को जिला मुख्यालय ढालपुर मैदान में धूमधाम से हुई। भगवान रघुनाथ जी की रथ यात्रा के साथ पूरे श्रद्धाभाव और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच इस ऐतिहासिक आयोजन का आगाज़ किया गया।
सुबह से ही ढालपुर मैदान में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक जुटे रहे। विभिन्न घाटियों से आए देवी-देवताओं की शोभायात्रा ने माहौल को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर दिया। जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच रथयात्रा शुरू हुई, जिसमें देव रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
राज्य के गणमान्य अतिथियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उत्सव का औपचारिक शुभारंभ हुआ। आयोजकों के अनुसार, सात दिन तक चलने वाले इस पर्व में देश-विदेश से आए कलाकार अपनी लोक संस्कृति की झलक पेश करेंगे। वहीं, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों से सजे मेले में पर्यटकों को हिमाचली कला-संस्कृति की अनोखी झलक मिलेगी।
कुल्लू दशहरा की खासियत यह है कि यहाँ रावण का दहन नहीं किया जाता, बल्कि यह उत्सव भगवान रघुनाथ की आराधना और देव संस्कृति के संगम का प्रतीक माना जाता है। सात दिवसीय इस महोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है।
माता हिडिंबा का हुआ आगमन
वही, माता हिडिंबा के आगमन से भगवान रघुनाथ की विशेष पूजा भी शुरू हो गई है। जिसमें अश्व पूजन के साथ-साथ अन्य विधि को भी पूरा किया गया। वीरवार को ढालपुर स्थित अस्थायी शिविरों में पहुंचे देवी-देवताओं की सुबह पूजा-अर्चना हुई। इसके बाद देवताओं के रघुनाथपुर में भगवान रघुनाथ मंदिर पहुंचने का सिलसिला आरंभ हुआ। सुबह आठ बजे से देवताओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ, जो दोपहर तक चलता रहा। भगवान रघुनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद देवता अस्थायी शिविरों में लौटे। वहीं, बंजार के देवता श्रृंगा ऋषि, देवता बालू नाग, शियाह के देवता जमदग्नि ऋषि, गर्ग ऋषि सहित सैकड़ों देवताओं ने राजमहल में जाकर भी देव परंपरा निभाई।
भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव का शुभारंभ हो चुका है और देवी-देवताओं की उपस्थिति में इसे भव्य तरीके से मनाया जाएगा। देवी-देवता भगवान रघुनाथ से मिलन कर रहे हैं और माता हिडिंबा भी अब इस उत्सव में शिरकत कर रही हैं। आज दोपहर 2:00 बजे भगवान रघुनाथ पालकी में सवार होकर ढालपुर आएंगे और करीब 4:00 बजे भगवान रघुनाथ की रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा।
7 दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
कारदार दानवेंद्र सिंह ने बताया की भगवान रघुनाथ की रथयात्रा को लेकर प्रशासन द्वारा तैयारी कर ली गई है। इसके अलावा रोजाना 7 दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें हिमाचल के कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से कुल्लू पुलिस द्वारा दशहरा उत्सव को विभिन्न सेक्टर में बांटा गया है। इसके अलावा दशहरा उत्सव में 1200 पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था को देख रहे हैं।









