ऊना, बिलासपुर, शिमला में ज्यादा बारिश रिकॉर्ड, चंबा व लाहौल-स्पीति में हुई सबसे कम बारिश
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मई माह में सामान्य से कम बारिश हुई है। राज्य में सामान्य से 18 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि माह के दौरान 7 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश आंकी गई है। मगर 5 जिलों में सामान्य से वर्षा रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश में पूरे माह के दौरान सामान्य बारिश 63.3 मिलीमीटर रिकॉर्ड की जाती है। मगर यहां पर 52.2 मिलीमीटर ही दर्ज की गई है। जो सामान्य से 18 प्रतिशत कम आंकी गई है।

मई माह के 31 दिनों के दौरान बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर व ऊना में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। ऊना में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। ऊना में सामान्य से 125 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। बिलासपुर में 58, शिमला व सिरमौर में 47, हमीरपुर में 33, कांगड़ा में 26 और मंडी में सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। इसके अलावा राज्य के शेष जिलों में सामान्य से कम बादल बरसें है। चंबा में सामान्य से 59, लाहौल स्पीति में 56, किन्नौर में 39, कुल्लू में 18 और सोलन में 25 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मई माह मे चंबा व लाहौल स्पीति में कम बादल बरसें है।
मई के मध्य और आखिरी दिनों में गर्मी ने छुड़ाया पसीना
प्रदेश में मई माह के दौरान कई स्पेल के दौरान बारिश हुई है। हालांकि मई माह के मध्य और आखिरी दिनों के दौरान गर्मी ने जमकर पसीने छुड़ाए है। मगर बीच बीच में बारिश होने के कारण तापमान में उतार चढ़ाव का कम जारी रहा। माह में कई बार बारिश का स्पेल होने से मई में गर्मी के दिन बीते सालों के मुकाबले कम रिकॉर्ड किए गए है। तेज धूप के खिलने से प्रदेश में मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ों पर भी दिन के समय जमकर गर्मी पड़ी है। मगर न्यूनतम तापमान बीते सालों के मुकाबले कम रिकॉर्ड किया गया है।
मई माह में ओलावृष्टि ने मचाया कहर
प्रदेश में मई माह के दौरान बारिश के साथ तूफान व ओलावृष्टि भी हुई है। मंडी, शिमला, कुल्लू व सिरमौर में माह के आखिरी दिनों के दौरान भी कम ओलावृष्टि हुई है। भारी ओलावृष्टि होने से मंडी व शिमला में कई स्थानों पर सब्जियों के साथ फलों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम विज्ञान केन्द्र द्वारा जून माह के शुरूआती दिनों के दौरान भी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। जिससे जून माह के शुरूआती दिनों में भी लोगों को ज्यादा गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा।








