29 जून तक मौसम खराब, कुछ ही स्थानों पर बारिश का लगाया गया पूर्वानुमान
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सामान्य अवधि पर नहीं आएगा। हालांकि मॉनसून की तेज गति के चलते प्रदेश में सामान्य अवधि यानि 24 जून तक पहुंचने की उम्मीदें लगाई जा रही थी। मगर अब मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ने के चलते मॉनसून के देरी से आने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश की जनता को मॉनसून के लिए अभी एक सप्ताह तक का इंतजार करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं प्रदेश में अगामी दिनों के दौरान प्री-मॉनसून की बौछारों के भी कम बरसनें की संभावना जताई जा रही है।

प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मंगलवार को साफ रहा मौसम
प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मंगलवार को मौसम साफ बना रहा। सुबह से दोपहर तक प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहने के साथ तेज धूप खिली रही। मगर दोपहर बाद फिर से आसमान में बादल घिरने शुरू हो गए थे। बादलों के घिरने के साथ पहाड़ों पर कई स्थानों पर तेज हवाएं भी रिकॉर्ड की गई है। मौसम साफ रहने से अधिकतम तापमान में फिर से उछाल रिकॉर्ड किया गया है। अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक का उछाल दर्ज किया गया है। तापमान में उछाल आने से प्रदेश के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई स्थानों बारिश का रिकॉर्ड
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई है। भरमौर में सबसे ज्यादा 9.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा मनाली में 6.0, मंडी में 20., केलांग में 2.0, कुकुमसेरी में 1.8, बिलासपुर में 1.2, जोगिंद्रनगर में 1.0, कांगड़ा में 0.2 और पालमपुर में 0.1 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश होने के बावजूद भी न्यूनतम तापमना में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन नहीं आंका गया है। खासतौर पर प्रदेश के मैदानी इलाकों में अभी भी लोगों को रात के समय गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक प्रदेश में 29 जून तक मौसम साफ बना रहेगा। इस दौरान राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। इस दौरान प्रदेश में बारिश, तूफान व ओलावृष्टि होने की किसी भी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऐसे में उम्मीदें लगाई जा रही है कि राज्य में अगामी दिनों के दौरान प्री-मॉनसून की बौछारों के भी कम बरसने की संभावना है।








