मौसम विभाग का पूर्वानुमान, 670 मिमी बारिश के संकेत, 19 जून तक बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मॉनसून कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि इस बार बरसात में लोगों को अंधाधुंध बारिश से निजात मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक शोभित कटियार के अनुसार प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। उनके मुताबिक लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के ऊंचाई वाले इलाकों में सामान्य वर्षा हो सकती है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में औसत से कम बारिश दर्ज होने की संभावना है। इस बार प्रदेश में लगभग 670 मिलीमीटर या उससे कम बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
वहीं, फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार 19 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। रविवार को भी पूरे प्रदेश में बादल छाए रहे और एक-दो स्थानों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश के साथ ओलावृष्टि, आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए विभाग ने पांच जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।

चंबा, कुल्लू समेत पांच जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर इनकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। किन्नौर जिले में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना
उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और शिमला के ऊंचाई वाले इलाकों के अलावा किन्नौर और लाहौल-स्पीति में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। चंबा और कुल्लू के निचले हिस्सों तथा मंडी जिले के कई स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं। कांगड़ा और शिमला के शेष भागों तथा सिरमौर जिले के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की वर्षा होने की संभावना है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
किसान-बागबानों के लिए नई फसल के लिए बेहतरीन मौका
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों पर बिजली चमकने के समय न रुकने और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। फिलहाल जून में मौसम के बदलते मिजाज ने मैदानी क्षेत्रों के लोगों को गर्मी से निजात दिलाई है। इसके अलावा किसानों की अगली फसल को लेकर भी नमी दी है। विशेषज्ञों के अनुसार किसान-बागबानों के लिए नई फसल के लिए यह बेहतरीन मौका है।








