शिमला। हिमाचल प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की निरंतर मुहिम ने सकारात्मक असर दिखाया है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में सड़क हादसों की संख्या में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है। राज्य पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान, कड़े ट्रैफिक नियम और सड़क सुधार परियोजनाओं का यह असर माना जा रहा है।
सख्त नियमों, आधुनिक तकनीक और जनजागरूकता अभियानों की बदौलत सड़कों पर हादसों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। ये सरकार की नीतियों, त्वरित राहत कार्यों और बेहतर सड़क प्रबंधन का नतीजा है कि पिछले तीन सालों में मानसून सीजन में हो रही भारी बारिश से आई प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी प्रदेश में पहले की तुलना में हादसों के मामले घटे हैं, जिससे प्रदेश में लोगों के बहुमूल्य जीवन बचे हैं।
हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2023 में कुल 2,253 सड़क दुर्घटनाओं के मामले सामने आए थे। लेकिन सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए प्रयासों से वर्ष 2024 में यह संख्या घटकर 2,147 रह गई। इसी तरह से वर्ष 2025 में प्रदेशभर में अब तक केवल 1,457 दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया, ‘सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा सुधार के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों के सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आने लगे है, जिससे राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार कमी आई है’।
सफल हुए सरकार के अभियान
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने कहा, ‘सड़क दुर्घटनाओं में आ रही कमी प्रदेश सरकार की सक्रिय नीतियों, बेहतर निगरानी तंत्र और सड़क सुरक्षा पर व्यापक जन जागरूकता अभियानों की सफलता को प्रदर्शित कर रही है। सरकार की यह उपलब्धि विशेष महत्त्व रखती है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2023 और वर्ष 2025 में भारी भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से सड़क सुरक्षा उपायों की दिशा में सराहनीय कार्य किया जिसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है’।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा क्षेत्र को प्रमुखता प्रदान कर वर्तमान प्रदेश सरकार ने अनेक प्रभावी कदम उठाएं है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी करने के लिए हर संभव उपाय करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार का लक्ष्य न केवल दुर्घटनाओं की संख्या को कम करना है, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है।








