कांगड़ा। बारिश और बढ़ते जलस्तर के चलते एक बार फिर पौंग डैम के गेट खोलने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन ने फतेहपुर और इंदौरा उपमंडलों में अलर्ट जारी किया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे न जाने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
जिसको लेकर बीबीएमबी ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है। सबसे ज्यादा खतरे की घंटी ब्यास किनारे बसे फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा क्षेत्रों में बज गई है। पिछली बार जब डैम से पानी छोड़ा गया था, तो कई गांव तबाह हो गए थे। खेत-खलिहान और फसलें ब्यास की तेज धार में बह गई थी। अब दोबारा 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने का आदेश जारी हो चुका है। ऐसे में लोगों से नदी-नालों से दूर और सतर्क रहने की अपील की गई है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने सूचना दी है कि 4 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से पौंग डैम पावर हाउस की टरबाइनों से करीब 50,000 क्यूसेक और स्पिलवे गेटों से लगभग 32,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर निकासी 50 हजार क्यूसेक तक रहेगी। प्रशासन ने सिविल, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभागों को अलर्ट कर दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों को निचले इलाकों और नदी किनारों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने कहा कि लोग एक बार फिर सतर्क रहें, ब्यास नदी के किनारे जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। वहीं, एक बार फिर फतेहपुर और इंदौरा के लोग ब्यास नदी की तेज लहरों से डरे और सहमे हुए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है, लेकिन बड़ी चुनौती यही है कि पिछले नुकसान को देखते हुए इस बार कितनी सुरक्षा तैयारी जमीन पर उतर पाती है।