शिमला । हिमाचल प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में अब गैर बोर्ड कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में होंगी। अभी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में ये परीक्षाएं मार्च में होती हैं और अप्रैल में यहां नया सत्र शुरू होता था। शीतकालीन स्कूलों में पहले से ही दिसंबर में वार्षिक परीक्षाएं होती आ रही हैं। अब नई व्यवस्था के तहत पूरे प्रदेश में गैर बोर्ड कक्षाओं का नया सत्र शुरू होगा। बुधवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला किया गया।

बायोमीट्रिक से हाजिरी नहीं, तो वेतन भी नहीं
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। उन्होंने बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य बनाने और अनुपालना न होने की स्थिति में वेतन कटौती जैसे कदमों पर भी बल दिया।
विद्यार्थियों को मिलेगा स्टाइपेंड
स्नातक डिग्री पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप समाहित डिग्री शुरू की जाएगी। इस पहल के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न उद्योगों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा और उन्हें स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा।
विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॉलेज स्तर पर विदेशी भाषाओं के पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की भाषा दक्षता प्राप्त होगी और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। योजना के तहत बी वॉक में चार नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।







