हिमाचल दस्तक। शिमला
आईजीएमसी में 22 जुलाई से डॉक्टर समर वेकेशन पर जाएंगे। प्रशासन ने डॉक्टरों के अवकाश पर जाने की सूची तैयार कर ली है। दो चरणों में डॉक्टर अवकाश पर जा रहे हैं। पहले चरण में आईजीएमसी का 50 प्रतिशत डॉक्टरों का स्टाफ छुट्टी पर रहेगा। जैसे ही यह स्टाफ वापिस आएगा तो उसके बाद दूसरे चरण के डॉक्टर छुट्टी पर जाएंगे। डॉक्टरों को समर विकेशन का 7 दिन का अवकाश मिलता है। पहले चरण में कौन-कौन डॉक्टर छुट्टी पर जाएंगे, इसको लेकर प्रशासन एक या दो दिन के अंदर लिस्ट भी जारी कर देगा। इनमें सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक चमियाणा के डॉक्टर भी शामिल होंगे।
बता दें, कि आईजीएमसी में प्रतिदिन 3200 से 3500 मरीजों की प्रतिदिन ओपीडी होती है और मरीज यहां विभिन्न विभागों में उपचार करवाने आते हैं। कई मरीजों का रूटीन चैकअप होता है तो कई रोगियों काफी समय पहले से एक ही विशेषज्ञ उनका उपचार कर रहे हैं। ऐसे में जिन मरीजों का एक डॉक्टरों के पास काफी समय पहले से उपचार चल रहा है उनको परेशानियां होगी।
आईजीएमसी में न केवल जिला शिमला अपितु प्रदेश के कौने-कौन से लोग उपचार करवाने आते हैं, जबकि प्रदेश के अस्पतालों से रैफर होकर भी मरीज यहां अस्पताल में आगामी उपचार करवाने के लिए भेजे जाते है। ऐसे में डॉक्टरों की उपलब्धता न होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों को दिक्कत न हो, इसके लिए अस्पताल के 50 प्रतिशत डॉक्टर उपलब्ध होते हैं, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
पहले जान लें, डॉक्टरों की छुट्टियों का शैडयूल
मरीजों के लिए यह बेहतर रहेगा कि जैसे ही प्रशासन द्वारा शैडयूल जारी किया जाता है तो उसके मुताबिक यह जान लें कि कौन सा डॉक्टर कब छुट्टी पर जाएगा। मरीजों को इससे यह फायदा होगा कि वह फालतू में अस्पताल न पहुंचे। उसी दिन अस्पताल पहुंचे जब डॉक्टर बैठा होगा।
आईजीएमसी से 50 प्रतिशत डॉक्टर हर साल की तरह इस बार भी समर विकेशन पर जाएंगे। जल्द ही इसको लेकर शैडयूल जारी कर दिया जाएगा। डॉक्टरों के छुट्टी पर जाने से मरीजों को अस्पताल में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आ ने दी जाएगी।
-डॉक्टर सीता ठाकुर, प्रिंसिपल, आईजीएमसी।





