शिमला। हिमाचल में कांग्रेस अध्यक्ष और संगठन के गठन को लेकर हाल ही में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हाईकमान के बुलावे पर आज फिर से दिल्ली जाने की खबरें आ रही थीं, लेकिन सीएम सुक्खू ने आज अपने दिल्ली दौरे से इनकार किया है। पिछले दिनों 4 अगस्त को पार्टी हाईकमान ने दिल्ली में बैठक की थी, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई मंत्रियों ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल के साथ हुए बैठक में हिस्सा लिया था, लेकिन उस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के नाम को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया था।
ऐसे में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिलने को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वहीं संगठन के भीतर बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है, जिससे दावेदारों के बीच भी हलचल बढ़ने लगी है।
पार्टी में संतुलन बिठाने के प्रयास कर रहा आलाकमान
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर मची खींचतान ने पार्टी के भीतर पुराने गुटीय समीकरणों को फिर से हवा दे दी है। पिछले कई महीनों से दिल्ली से शिमला तक नेताओं की दौड़ लगी हुई है, फोन कॉल्स और बंद दरवाज़ों के पीछे रणनीति बैठकों का दौर जारी है। अध्यक्ष पद के दावेदार समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन में जुटे हैं। वहीं, हिमाचल में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए आलाकमान सभी पक्षों को साधकर संतुलन बिठाने का प्रयास कर रहा है, जिसको देखते हुए प्रदेश में कांग्रेस के अध्यक्ष का नाम तय करने में देरी हो रही है।
अनुसूचित जाति के नेता को कमान मिलने की संभावना
हिमाचल में इस बार अनुसूचित जाति के नेता को अध्यक्ष पद की कमान मिल सकती है। दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस बात के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था अध्यक्ष पद के लिए हाईकमान को कोई नाम नहीं दिया है, लेकिन मैंने चिट्ठी लिखकर कहा है कि कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति या फिर मंत्रिमंडल के सदस्य में से लिया जाए, अगर मंत्रिमंडल का कोई सदस्य अध्यक्ष बनना चाहता है तो उसकी राय ली जाए। मेरे लिए सभी बराबर हैं। ऐसे में सीएम सुक्खू ने इशारों-इशारों में प्रदेश में वर्तमान अध्यक्ष के बदले जाने के संकेत दे दिए थे।
ये हैं मजबूत दावेदार
अब अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले किसी नेता को प्रदेश कांग्रेस की कमान मिलने की संभावना अधिक बन गई है, जिसमें विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, भोरंज से विधायक सुरेश कुमार और कसौली से विधायक विनोद सुल्तानपुरी की अध्यक्ष पद के लिए मजबूत दावेदारी है। वहीं आयुष और युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा को मंत्री पद से हटाकर संगठन में लाने को लेकर अटकलें चल रही हैं, लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम निर्णय अब पार्टी हाईकमान के हाथ में है।
दिल्ली दौरे से किया इंकार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अपने दिल्ली दौरे से इनकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल दिल्ली जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है। जल्द ही संगठन का विस्तार होगा। इसके साथ ही सीएम सुक्खू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को डिटेन किए जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को नहीं दबाया जाना चाहिए। वहीं, हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्टडी का विषय है। अगर प्रतिभा सिंह ने मंडी लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी की बात की है, तो इसमें ज़रूर सत्यता होगी।





