हिमाचल दस्तक। रामपुर बुशहर
जिला शिमला के रामपुर उपमंडल की जमीन पर बहने वाली नदियों से बिजली उत्पादित कर करोड़ों कमाने वाले पॉवर प्रोजेक्ट लाडा (Local Area Development Authority) की राशि को जमा करने में आनाकानी कर रहें है। लाडा की राशि को जमा करने में कई पॉवर प्रोजेक्टों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो कई प्रोजेक्ट प्रबंधन अपने द्वारा की गई क्षेत्रीय विकासात्मक योजनाओं में खर्च की गई राशि का जमा घटाव कर लाडा की राशि को कम करने में जुटे हुए हैं। लाडा की राशि का जमा घटाव का खेल केवल प्रोजेक्ट प्रबंधन ही नहीं खेल रहा है बल्कि प्रशासनिक तौर पर भी लाडा की राशि संबंधित प्रभावित इलाकों में पूरी तरह से खर्च नहीं हो पा रही है।
करीब 2 करोड़ 94 लाख की लाडा की राशि प्रशासन के खाते में पड़ी है। शुक्रवार को लाडा की बैठक रामपुर में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता हाल ही में लाडा के नए अध्यक्ष स्थानीय विधायक नंदलाल ने की।
बैठक में एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह सहित एनर्जी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं बैठक में विभिन्न पॉवर प्रोजेक्ट के अधिकारी व प्रभावित पंचायतों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न पॉवर प्रोजेक्टों द्वारा अभी तक लाडा की राशि जमा न करने पर चर्चा हुई। जिसमें कई पॉवर प्रोजेक्ट प्रबंधन ने कहा कि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में जब तक फैसला नहीं हो जाता तब तक वे लाडा की राशि जमा नहीं करेंगे।
इसमें सबसे पहले नंबर लुहरी पॉवर प्रोजेक्ट का आता है। इस प्रोजेक्ट ने अभी तक लाडा की राशि जमा नहीं की है।
वहीं दूसरे नंबर पर राजपूरा प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट ने भी लाडा की 1 करोड़ 10 लाख की राशि जमा करनी है। ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है। जबकि कोटागाड प्रोजेक्ट ने भी 22 लाख की राशि अभी तक जमा नहीं की है। जबकि अप्पर नंती ने भी 1 करोड़ 37 लाख की राशि जमा करनी है। यानि प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रोजेक्टों से 2 करोड़ 75 लाख की राशि लाडा की बकाया है।
हैरान करने वाली बात ये है कि इस लाडा की राशि को खंड विकास कार्यालय द्वारा प्रभावित पंचायतों में खर्च किया जाता है। लेकिन कई प्रभावित पंचायतों में लाडा की पूरी राशि खर्च नहीं हो पाई है। ऐसे में लाडा को लेकर हर स्तर पर कहीं न कहीं पेंच फंसा हुआ है।
इस मौके पर वन मंडलाधिकारी गुरहर्ष, लोक निर्माण विभाग के अरण्यपाल पांसग नेगी, जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता जेएस नेगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लाडा की राशि को प्रभावित पंचायतों में खर्च करने का फॉर्मूला अभी तैयार नहीं
पॉवर प्रोजेक्ट के निर्माण से जो क्षेत्र या पंचायतें प्रभावित होती है उसके विकास के लिए 2006 में लाडा की नीति बनी थी। ऐसे में लाडा के लिए प्रोजेक्ट प्रबंधन एक तय राशि जारी करते है। अब ये राशि पंचायत, क्षेत्र व उपमंडल स्तर पर कितनी कितनी खर्च करनी है इसे लेकर स्पष्टता नहीं है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने माना कि जल्द ही इस फॉर्मूले पर काम किया जाएगा। ताकि प्रभावित क्षेत्रों का सही ढंग से विकास हो सके।
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