सिटी रिपोर्टर । शिमला
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट हैक होने से विश्वविद्यालय में हडक़प मच गया है। एसएफआई ने इस घटना को लेकर मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। एसएफआई का कहना है कि इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही और तकनीकी अव्यवस्था को उजागर किया है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एसएफआई इकाई के सह सचिव नावेद ने बताया कि 2 जुलाई को विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर छात्रों को एक संदिग्ध गतिविधि का पता चला। जिसके बाद पुष्टि हुई कि वेबसाइट को अज्ञात हैकरों द्वारा हैक कर लिया गया है और कई अहम सेक्शन तक पहुंच बाधित हो गई थी। जिससे छात्रों का शैक्षणिक डाटा, परीक्षा संबंधी सूचनाएं और प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
एसएफआई ने इसे न केवल प्रशासन की तकनीकी विफलता बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है। एसएफआई ने सवाल उठाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने न तो पहले से कोई साइबर सुरक्षा प्रबंध किए थे और न ही हैकिंग के बाद समय रहते छात्रों को कोई स्पष्ट जानकारी दी।
प्रतिष्ठित संस्थान की वेबसाइट हैक होना बेहद गंभीर मामला
एसएफआई कैंपस सहसचिव नावेद ने बताया कि विश्विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्थान की वेबसाइट हैक होना बेहद गंभीर मामला है। यह दर्शाता है कि प्रशासन न तो साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर है और न ही छात्रों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने को लेकर। उन्होंने बताया कि 2014 के अंदर ईआरपी को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर लाया गया था ताकि छात्रों को सुविधा प्रदान की जा सके। लेकिन, जहां छात्रों का काम आसान करना था वहां छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी ईआरपी के कारण छात्रों को कई कठिनाइयां आ रही हैं, जिस कारण छात्रों को दूर-दूर से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंदर आना पड़ता है, जिससे छात्र प्रताडि़त हो रहा है।
एसएफआई ने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इसके ऊपर सकारात्मक कार्रवाई करे तथा इस इआरपी को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से निकालने का काम करें ताकि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने कहा कि एसएफआई मांग करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द इसके ऊपर सकारात्मक कार्रवाई करें। अगर ऐसा न हुआ तो एसएफआई सडक़ों पर उतर कर उग्र आंदोलन करेगी।








