शिमला में जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। वीकेंड के साथ अन्य दिनों में भी जाम होना अब आम बात हो गई है। हर दिन लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों जाम में फंसे रहते हैं। वीकेंड पर शिमला और उसके आसपास के इलाकों में पर्यटकों की संख्या बढऩे से ट्रैफिक जाम आम है, खासकर मुख्य पर्यटन स्थलों पर। पर्यटक भारी मात्रा में शिमला आते है और कुछ पर्यटक अपने वाहन साथ लेकर आते है जिसकी वजह से जाम और ज्यादा बढ़ जाता है हालात ऐसे हैं कि कई बार यात्रियों को बसों या टैक्सियों से उतरकर पैदल ही सफर तय करना पड़ता है ताकि वे समय पर दफ्तर या स्कूल पहुंच सकें।
बालूगंज से बस स्टैंड, 103 टनल से विधानसभा, लक्कड़ बाजार से विक्ट्री टनल और संजौली से छोटा शिमला तक के इलाकों में पीक आवर्स के दौरान जाम आम बात हो गई है। प्रशासन द्वारा कई बार ट्रैफिक प्लान तैयार करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
लोगों ने बताई परेशानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में पार्किंग व्यवस्था की कमी इस जाम की बड़ी वजह है। वाहन चालक सडक़ किनारे गाडिय़ां खड़ी कर देते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो जाता है और ट्रैफिक रुक जाता है। वहीं बस चालकों और कंडक्टरों का कहना है कि चौड़ा मैदान की ओर से आने वाला भारी ट्रैफिक भी जाम को और बढ़ा देता है।
प्रशासन के प्रयास बेअसर
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और प्रशासन के प्रयासों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। सुबह जल्दी निकलने के बावजूद लोग दफ्तर और स्कूल समय पर नहीं पहुंच पाते।
लोगों की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि शहर में पर्याप्त पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएं और ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि शिमला की सडक़ों पर चलना आसान हो सके और आम जनता को राहत मिले।