प्रत्याशी घर-घर पहुंचकर अपने पक्ष में बना रहे माहौल, मतदान क्षेत्रों में शहार के ठेके और बीयर बार पूरी तरह बंद
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव अब अपने अंतिम और सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच गए हैं। तीसरे चरण के लिए चुनाव प्रचार थमने के साथ ही प्रदेश की 1187 पंचायतों में चुनावी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। अब उम्मीदवारों के पास मतदाताओं को साधने के लिए केवल डोर-टू-डोर संपर्क का ही सहारा बचा है। ऐसे में गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर प्रत्याशी अंतिम समय में अपने पक्ष में माहौल बनाने की पूरी कोशिश में जुट गए हैं।

पहले दो चरणों में मतदाताओं में दिखा उत्साह
प्रदेश में पंचायती राज चुनाव इस बार तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले दो चरणों में मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाते हुए लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पहला चरण 26 मई को संपन्न हुआ, जिसमें करीब 78 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद 28 मई को दूसरे चरण में 1276 पंचायतों में मतदान हुआ। दोनों चरणों में मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिली और महिलाओं, युवाओं तथा बुजुर्ग मतदाताओं ने भी उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
अब सबकी निगाहें अंतिम चरण के मतदान पर टिकी
अब सबकी निगाहें 30 मई को होने वाले तीसरे और अंतिम चरण के मतदान पर टिकी हैं। मतदान सुबह सात बजे से शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चलेगा। प्रशासन और चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
कई पंचायतों में मुकाबला बेहद कांटे का
अंतिम चरण को लेकर राजनीतिक माहौल भी पूरी तरह गर्माया हुआ है। पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर स्थानीय स्तर पर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। कई पंचायतों में मुकाबला बेहद कांटे का माना जा रहा है, जहां जीत-हार कुछ वोटों के अंतर से तय होने की संभावना जताई जा रही है।
शराब के ठेके, बीयर बार बंद
चुनाव आचार संहिता के तहत मतदान से पहले क्षेत्र में शराब के ठेके और बीयर बार बंद कर दिए गए हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। प्रशासन ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की है।
31 मई का सभी को बेसब्री से इंतजार
जिला परिषद और बीडीसी चुनाव परिणामों के लिए 31 मई तक इंतजार करना होगा। इसी दिन चार नगर निगमों के चुनावी नतीजे भी घोषित किए जाएंगे। नगर निकायों के चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं। ऐसे में 31 मई प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम दिन साबित होगा, जब पंचायतों से लेकर नगर निगमों तक जनता का फैसला सामने आएगा।








