शिमला। हिमाचल प्रदेश का पर्यटन कारोबार लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। वर्ष 2026 के शुरुआती सात महीनों में ही 1.06 करोड़ पर्यटक प्रदेश पहुंच चुके हैं। वहीं, पूरे वर्ष 2025 में हिमाचल आने वाले पर्यटकों की संख्या 3.11 करोड़ रही थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को वाराणसी में आयोजित फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) के 56वें वार्षिक सम्मेलन में ये आंकड़े साझा किए। उन्होंने पर्यटन उद्योग से हिमाचल के कम चर्चित और नए पर्यटन स्थलों को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाने की अपील की।

2025 में पहुंचे थे 3.11 करोड़ पर्यटक
मुख्यमंत्री के अनुसार, जनवरी से दिसंबर 2025 तक हिमाचल में कुल 3.11 करोड़ पर्यटक पहुंचे। इनमें 1.66 करोड़ धार्मिक पर्यटक शामिल थे। वहीं, 2026 में जुलाई तक ही 1.06 करोड़ पर्यटक प्रदेश का रुख कर चुके हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में पर्यटन कारोबार के और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब सिर्फ शिमला-मनाली नहीं, नए डेस्टिनेशन तलाश रहे पर्यटक
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों की पसंद तेजी से बदल रही है। अब लोग केवल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय शांति, प्रकृति, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, वेलनेस और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव करना चाहते हैं। हिमाचल इन बदलती जरूरतों के लिए उपयुक्त है। राज्य की शांत घाटियां, स्वच्छ हवा, प्राकृतिक जलस्रोत, बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर्यटकों को अलग अनुभव प्रदान कर सकती है।
सरकार का Experience Based Tourism पर जोर
सरकार राज्य के पर्यटन मॉडल को पारंपरिक स्थलों से आगे ले जाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत अनुभव आधारित पर्यटन, कारवां पर्यटन और वीकेंड टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण पर्यटन को मजबूत करने के लिए होमस्टे योजना और होमस्टे नियम-2025 लागू किए गए हैं। इसका उद्देश्य पर्यटकों को गांवों की वास्तविक जीवनशैली से जोड़ने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।
कांगड़ा बनेगा ‘पर्यटन राजधानी’
हिमाचल में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके आसपास एयरोसिटी विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक जिला मुख्यालय में या उसके आसपास हेलीपोर्ट विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इससे पर्यटकों की आवाजाही आसान होने के साथ आपदा प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
महिलाओं के लिए तैयार हो रही ‘शी ट्रैवल’ नीति
महिलाओं के लिए हिमाचल को सुरक्षित और बेहतर पर्यटन गंतव्य बनाने के उद्देश्य से सरकार ‘शी ट्रैवल’ नीति तैयार कर रही है।
महिलाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने के लिए:
- होमस्टे
- स्थानीय खाद्य व्यवसाय
- हस्तशिल्प
- स्थानीय उत्पाद
- पर्यटन आधारित स्टार्टअप
जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
Adventure Tourism में भी बड़ा अवसर
हिमाचल में साहसिक पर्यटन की संभावनाएं भी काफी व्यापक हैं। मुख्यमंत्री ने ट्रैकिंग, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण, कैंपिंग, माउंटेन साइकिलिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। बीड़-बिलिंग ने पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में हिमाचल को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है और यह राज्य के Adventure Tourism की मजबूत पहचान बन चुका है।
धार्मिक पर्यटन भी बना बड़ा आधार
हिमाचल का धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां के प्रमुख शक्तिपीठ, ऐतिहासिक मंदिर, बौद्ध मठ और गुरुद्वारे देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। 2025 में आए 1.66 करोड़ धार्मिक पर्यटकों का आंकड़ा इस क्षेत्र की अहमियत को दर्शाता है।
पर्यटन के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन का विकास टिकाऊ और जिम्मेदार तरीके से किया जाना चाहिए। पर्यटन से आर्थिक लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और प्राकृतिक संसाधनों पर अनावश्यक दबाव न पड़े, इसके लिए सरकार सतत पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। यह हिमाचल जैसे संवेदनशील पर्वतीय राज्य के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जहां पर्यटन के बढ़ते दबाव के साथ पर्यावरण संरक्षण भी बड़ी चुनौती है।
होटल कारोबारियों और टूर ऑपरेटरों से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने होटल एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग, ट्रैवल एजेंटों, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों से सरकार के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल के नए और कम चर्चित पर्यटन स्थलों को टूर पैकेज में शामिल करने से पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे और राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में भी पर्यटन आधारित रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।








