चम्बा। चम्बा जिले के डलहौजी कैचमेंट क्षेत्र से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। पहली बार दुर्लभ हिमालयी सेरो कैमरा ट्रैप में कैद हुआ है।

वन विभाग के अनुसार यह डलहौजी कैचमेंट क्षेत्र में हिमालयी सेरो की उपस्थिति का पहला वीडियो साक्ष्य है, जिसे क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जा रहा है।
दरअसल, हिमालयी सेरो एक अत्यंत शर्मीला और दुर्लभ वन्यजीव है, जो घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में निवास करता है। इसकी मौजूदगी इस बात का संकेत मानी जाती है कि संबंधित क्षेत्र का प्राकृतिक आवास अभी भी सुरक्षित और संतुलित है।
वन अरण्यपाल राकेश ने बताया कि कैमरा ट्रैप में हिमालयी सेरो का रिकॉर्ड होना वन विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड न केवल क्षेत्र की वन्यजीव विविधता को नई पहचान देगा, बल्कि पश्चिमी हिमालय में इस प्रजाति के वितरण और संरक्षण से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी को भी सुदृढ़ करेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक दस्तावेज वन्यजीव संरक्षण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगे। वन विभाग भविष्य में भी कैमरा ट्रैप आधारित निगरानी को मजबूत करेगा और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास जारी रखेगा।
आखिरी बार कालाटॉप में नजर आया था
इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के अनुसार, हिमालय के कुछ हिस्सों में यह प्रजाति पाई जाती है, लेकिन यह विलुप्त भी हो रही है। इसे मिजोरम में राजकीय पशु का दर्जा मिला हुआ है। अध्ययन में पता चला था कि हिमालयी सेरो को आखिरी बार 2005-06 में कालाटोप वन्यजीव अभ्यारण्य में देखा गया था और इस दौरान मुंह-खुर रोग की वजह से यह विलुप्त हो गया था।








