धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) 2026 परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर बोर्ड ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रदेशभर में सीसीटीवी कैमरों और उड़नदस्तों के जरिए परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा रही है। बोर्ड की निगरानी और औचक निरीक्षण के दौरान अब तक 27 परीक्षार्थी अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए हैं। इनमें सबसे अधिक मामले चंबा जिले से सामने आए हैं।

चंबा में सबसे ज्यादा 11 मामले
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, चंबा जिले के परीक्षा केंद्रों में 11 परीक्षार्थी अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते पकड़े गए हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी मामले सामने आए हैं। जिलेवार स्थिति इस प्रकार है:
- चंबा: 11 मामले
- कांगड़ा: 5 मामले
- सिरमौर: 4 मामले
- मंडी: 3 मामले
- ऊना: 2 मामले
- कुल्लू: 1 मामला
- शिमला: 1 मामला
इन आंकड़ों के मुताबिक चंबा के बाद कांगड़ा में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।
सीसीटीवी और उड़नदस्तों से निगरानी
एसओएस परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार तकनीक के साथ-साथ उड़नदस्तों की मदद भी ली जा रही है। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। वहीं, बोर्ड की टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के इस्तेमाल की संभावना को कम करना और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना है।
परीक्षा की गरिमा से समझौता नहीं : डॉ. राजेश शर्मा
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा की गरिमा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुचित साधनों का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने वाले परीक्षार्थियों के खिलाफ बोर्ड के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
विद्यार्थियों से शॉर्टकट से बचने की अपील
डॉ. राजेश शर्मा ने परीक्षार्थियों से अपील की कि वे परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए किसी भी तरह का शॉर्टकट न अपनाएं। विद्यार्थियों को ईमानदारी, अनुशासन और मेहनत के बल पर परीक्षा देने की सलाह दी गई है।
नकल रोकने के लिए बोर्ड की सख्ती जारी
एसओएस 2026 परीक्षाओं में सामने आए 27 मामले बताते हैं कि परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था सक्रिय है। सीसीटीवी और उड़नदस्तों के जरिए निरीक्षण आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। बोर्ड का जोर परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर है।








