शिमला। हिमाचल प्रदेश के हजारों एचआरटीसी पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि अब हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के पेंशनरों को हर महीने तय समय पर पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी पेंशनरों को प्रत्येक माह की 7 से 10 तारीख के बीच पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार हर महीने 23 करोड़ रुपये की ग्रांट उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रविवार को शिमला में एचआरटीसी पेंशनर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।
एचआरटीसी का लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआरटीसी का प्रदेश के विकास और लोगों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि निगम के वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारी इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने एचआरटीसी प्रबंधन को निर्देश दिए कि अक्टूबर 2025 के बाद सेवानिवृत्त हुए उन कर्मचारियों के मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, जिनकी पेंशन अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।
एचआरटीसी की वित्तीय व्यवस्था को सुधारने के लिए उठाए कई कदम
पेंशन के अलावा मुख्यमंत्री ने एचआरटीसी के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के भुगतान के लिए भी 20 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। इससे उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से मेडिकल बिलों के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने एचआरटीसी की वित्तीय व्यवस्था को सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि कर्मचारियों के वेतन और पेंशन का भुगतान समय पर हो सके।

65-70 वर्ष के पेंशनरों को अगले महीने मिलेगा एरियर
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने वेतन स्थगन से जुड़े अपने फैसले में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने रविवार को वित्त विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि वेतन स्थगन संबंधी अधिसूचना अब केवल मुख्यमंत्री पर ही लागू रहेगी, जबकि अन्य सभी के लिए इसे वापस लिया जाएगा। साथ ही 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनभोगियों के लंबित एरियर का भुगतान अगले महीने करने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री ने मार्च 2026 में विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते समय राज्य की वित्तीय चुनौतियों का हवाला देते हुए स्वयं, मंत्रियों, विधायकों, उच्च अधिकारियों के वेतन का कुछ हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की थी।
बाद में 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के राज्य स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को राहत देते हुए उनके लिए लागू तीन प्रतिशत वेतन स्थगन को वापस लेने की घोषणा की थी। अब सरकार ने इस व्यवस्था को और सीमित करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वेतन स्थगन की अधिसूचना केवल मुख्यमंत्री पर ही लागू रहेगी और अन्य सभी के लिए इसे समाप्त कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्थगित वेतन की राशि अगले महीने पूर्ण वेतन के साथ जारी कर दी जाएगी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के सभी पेंशनभोगियों के लंबित एरियर जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन पेंशनरों का बकाया एरियर अगले महीने जारी किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकार उपलब्ध करवाएगी।







