हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों का सब्र टूट गया है। नवंबर माह की 21 तारीख होने पर भी पेंशन की अदायगी न होने पेंशनरों ने एचआरटीसी मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पेंशनरों ने राज्य सरकार व निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध व्यक्त किया है।
पेंशनरों का आरेाप है कि नवंबर माह के 21 दिन बीत गए है। मगर अभी भी पेंशनरों को अक्तूबर माह की पेंशन नहीं मिल पाई है। पेंशनरों ने राज्य सरकार व निगम प्रबंधन पर पेंशनरों की नजरअंदाजी का आरोप लगाया है।
पथ परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि हर महीने पेंशनरों को पेंशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पेंशन की तय तिथि नहीं होने के कारण पेंशनरों को गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है। हर बार पेंशनरों को पेंशन समेत अन्य मांगों को लेकर सडक़ों पर उतरना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।
पेंशनर्स कल्याण संगठन के प्रैस सचिव देवेंद्र चौहान ने कहा कि पेंशनरों को पिछले कई माह से पेंशन संबधित परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, पेशनरों द्वारा पेंशन के स्थाई समाधान की मांग मंत्रियों सहित अधिकारियों के समक्ष रखी गई । मगर उनकों हर बार आश्वासन ही मिलते रहे। उनकी पेंशन का स्थाई समाधान नहीं हो पाया। जिससे पेंशनरों को उम्र के आखिरी पड़ाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशनरों को तीन फीसदी डीए जारी करने की अभी तक सरकार ने अधिसूचना जारी नहीं की है। इसको लेकर भी पेंशनरों में रोष है।
पथ परिवहन पेंशनर्स कल्याण संगठन के प्रेस सचिव देवेंद्र चौहान ने बताया कि पेंशनर हर महीने पहली तारीख को पेंशन जारी करने की मांग कर रहे हैं लेकिन हर महीने उन्हें निराशा झेलनी पड़ रही है।
इसके अलावा अन्य मांगों को लेकर भी सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। इसको देखते हुए पेंशनरों को अब मजबूर होकर सड़कों पर उतरना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि अगामी दिनों कें दौरान अपने हक के लिए पेंशनरों द्वारा आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। इसके कल्याण संगठन के पदाधिकारी बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगें। इसमें निगम मुख्यालय के घेराव के साथ मंत्रियों का घेराव भी किया जा सकता है।