गानवी खड्ड में आई बाढ़ से तहस नहस हुई सडक़ और पैदल रास्ते अभी भी नहीं बन पाए है। आलम ये है कि ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती खड्ड को पार कर अपने घर पहुंचना पड़ रहा है। लेकिन न तो पंचायत और न ही प्रशासन ने ग्रामीणों को राहत देते हुए अभी तक पैदल रास्ते का निर्माण किया है। ऐसे में पहले से ही मुश्किलों के दौर से गुजर रहे कूट और क्याव पंचायत के सैंकड़ों ग्रामीणों को अब उफनती नदी को ही रास्ता बना दिया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि कूट और क्याव पंचायत का संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है। गानवी में इन दो पंचायतों के लिए बना पुल बह गया है। जिसके बाद वहां पर अभी तक नए पुल और पैदल रास्ते का कोई भी काम नहीं चल पाया है।
ऐसे में साफ है कि प्राकृतिक आपदा आने के बाद आश्वासन तो जरूर मिलते है, लेकिन उस समस्या को समाधान करने में काफी वक्त लग जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इसी तरह से उफनती खड्ड को पार कर इधर उधर जाना पड़े तो ये किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्कूली बच्चों से लेकर बड़े बुजूर्ग को इसी खड्ड से आर पार जाना पड़ रहा है। क्याव पंचायत के उप प्रधान दलीप निल्टू ने कहा कि जब भी कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो प्रशासन और सरकार को ये दायित्व रहता है कि वहां के रास्ते और सडक़ें ठीक किए जाएं।
लेकिन, बड़े खेद का विषय है कि एक माह गुजर जाने के बाद भी कूट और क्याव पंचायत को जोडऩे वाले पैदल रास्ते तक ठीक नहीं हो पाए है। उन्होंने कहा कि खड्ड को मजबूरी में पार किया जा रहा है। जब खड्ड में पानी बढ़ जाता है तो ग्रामीण खड्ड के आरपार फंस जाते है। ऐसा कई मर्तबा हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वह यहां पर पैदल रास्ता तो बना दें।
ईंजन वाला स्पेन लगाने की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि गानवी में जो स्पेन लगा है, वह ईंजन से चलने वाला होना चाहिए। ताकि नीचे से जब सामान को उपर को भेजे तो कोई दिक्कत न हो। फिलहाल मौके पर ये स्थिति है कि जब तक उपर से सामान नीचे की तरफ नहीं आता तब तक नीचे से भी उपर की और सामान नहीं जाता। ऐसे में ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
खंड विकास अधिकारी रामपुर बुशहर राजेंद्र नेगी ने बताया कि कूट और क्याव पंचायत को जोडऩे वाले पैदल रास्ते को दुरूस्त करने के लिए जल्द कार्य किया जाएगा। खड्ड पर अस्थाई पुल लगाने का भी प्रस्ताव है।