शिमला। हिमाचल प्रदेश की सरकारी स्कूलों को लेकर बड़ी खबर है। अब राज्य के ऐसे जिले जहां पर बारिश का ऑरेंज अलर्ट या फिर अन्य प्राकृतिक आपदाएं आएगीए वहां पर छात्रों के साथ अब शिक्षकों को भी अवकाश दिया जाएगा। राज्य सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के नियमों में बदलाव करते हुए अब शिक्षकों को भी अवकाश देने के लिए जिलाधीशो को अधिकृत कर दिया है।
छात्रों व शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सोमवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि छात्र व शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लेना महत्वपूर्ण था। गौर हो कि 1 सितंबर को प्रदेश के अधिकतर जिलों में खराब मौसम के चलते अवकाश दिया गया था जिसमें इस बार पहली बार शिक्षकों को भी घर से ही छात्रों की ऑनलाइन क्लासेस लगाने के निर्देश दिए गए थे। लंबे समय से शिक्षक भी इस बाबत सरकार से मांग कर रहे थे कि उन्हें बरसात के मौसम में स्कूल में ना बुलाया जाए क्योंकि कई क्षेत्रों में सडक़े वह नदी नालों की हालत खराब होने की वजह से शिक्षकों की जान को भी खतरा हो रहा था।
आपदा में भी पढ़ाई नहीं रुकेगी
हालांकि इसमें भी सरकार की ओर से साफ किया गया है कि आपदा के दौरान स्कूलों में छुट्टियां होने पर शिक्षकों को घर से ऑनलाइन क्लासेस लगाना अनिवार्य होगा। छात्रों का सिलेबस घर से कंप्लीट करवाना होगा और इसकी जानकारी अपने संबंधित जिला उपनिदेशकों को देनी होगी। बताया यह भी जा रहा है कि बरसात का मौसम खत्म होने के बाद सरकार की ओर से स्कूलों को छात्रों की एक्स्ट्रा क्लासेस लगाने के भी आदेश दिए जायेंगे।
स्कूलों को बड़ा नुकसान
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि मानसून रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जो बरसात जून के महीने में प्रारंभ हो चुकी थी, वह सितंबर में भी चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 3000 करोड़ का नुक्सान इस बरसात से हो चुका हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का नुकसान 2023 में भी हुआ था। उसका ही असर 2025 में भी देखने को मिल रहा है और विशेष कर जहां पहले क्रम में मंडी जिला, चंबा जिला, कांगड़ा, कुल्लू जिला में नुक्सान हुआ है उसको भरपाई करना बड़ी चुनौती होगी।
क्षतिग्रस्त स्कूल होंगे शिफ्ट
इसके अलावा मंत्री ने जिलों से बरसात में तबाह हुए स्कूलों की पूरी जानकारी भेजने को कहा है ताकि स्कूलों के पुन: निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जा सके। आपको बता दे तो इससे पहले भी मंडी कांगड़ा चंबा में कई स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसमें 800 करोड़ से भी ज्यादा का नुकसान हुआ था। अब राज्य सरकार ने एक बार फिर से बरसात में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों की जानकारी तुरंत भाव से भेजने को कहा है। इसके साथ ही जिन स्कूलों में ताला लटका हुआ है और छात्रों की सुरक्षा के मध्य नजर बिल्कुल असुरक्षित घोषित हो चुके हैं, उन स्कूलों को कहां पर शिफ्ट किया जा सकता है इसका भी ब्यौरा तलब किया है।
असुरक्षित भवनों से बाहर आएंगे छात्र
जानकारी के अनुसार अब राज्य सरकार और असुरक्षित सरकारी स्कूलों को निजी भवनों या फिर खाली पड़े सरकारी भवनों में शिफ्ट करेगी, वहीं अगर ऐसा संभव नहीं हो पाया तो सुरक्षित स्थान पर स्कूल का निर्माण किया जाएगा। आपको बता दे तो मंडी जिला में कई ऐसे स्कूल है जहां पर अभी भी ताला लटका हुआ है। छात्रों को निजी कमरों में पढ़ाया जा रहा है, जहां पर ना तो खेलकूद के मैदान है, न ही कोई दूसरी सुविधाएं उपलब्ध है।