गुजरात। गुजरात की राजनीति से बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक अब शुक्रवार यानि कल सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। जहां राज्यपाल आचार्य देवव्रत नवनियुक्त मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
क्या है इस फेरबदल की वजह?
गुजरात की सत्ता पर लंबे वक्त से काबिज बीजेपी को राज्य में एक साथ कई मोर्चे पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पीएम मोदी के करिश्माई नेतृत्व के बाद भी राज्य में कोई भी नेता विपक्ष से लगने वालों आरोपों और मुद्दों पर मुखर नहीं था। यही वजह थी कि राज्य में आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता सौराष्ट्र और आदिवासी बेल्ट में लगातार बढ़ी। आम लोगों की नजर में सीएम भूपेंद्र पटेल की छवि सही बनी हुई थी। इसीलिए बीजेपी ने उन्हें छोड़कर नगर निगम चुनावों से ठीक पहले नई टीम देने का फैसला किया है। गुजरात में नगर निगम के चुनाव फरवरी से पहले होने हैं। जिन्हें मिनी विधानसभा चुनाव माना जा रहा है।
वहीं बता दें कि गुजरात के मंत्रिपरिषद में अब तक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत 17 मंत्री थे। इनमें 8 कैबिनेट स्तर के मंत्री थे जबकि इतने ही राज्य मंत्री थे। आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा कुल 182 सदस्यों वाली है। इनमें से कुल संख्या के 15 प्रतिशत या 27 मंत्री हो सकते हैं। इसी महीने की शुरुआत में गुजरात सरकार में राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, केंद्रीय मंत्री सी आर पाटिल की जगह गुजरात भाजपा के अध्यक्ष बने थे। सीएम भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर, 2022 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ ली थी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, इस बार के मंत्रिमंडल विस्तार में लगभग 10 नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। वहीं करीब आधे मौजूदा मंत्रियों को बदला जा सकता है।