शिपकी (ला) दर्रे के माध्यम से पुनर्जीवित होगा सीमा व्यापार, व्यापार को लेकर देशों के बीच वस्तुओं की सूची तैयार
शिमला। भारत-चीन के बीच तीन दिन बाद एक जून से बॉर्डर टे्रड शुरू होने जा रहा हा। शिपकी (ला) दर्रे के माध्यम से एक बार फिर सीमा व्यापार पुनर्जीवित होगा। केंद्रीय विदेश मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद किन्नौर जिला प्रशासन ने साल 2026 के व्यापार सत्र के लिए तैयारियां पूरी कर ली है। व्यापार के तहत दोनों देशों के बीच वस्तुओं की सूची भी तय कर ली गई है। भारत की ओर से करीब 36 वस्तुओं का एक्सपोर्ट (निर्यात) किया जाएगा, जबकि चीन अधिकृत तिब्बत से 20 वस्तुएं इम्पोर्ट (आयात) की जाएंगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों की सुविधा और उन्हें नियमों की बेहतर समझ देने के लिए जून के पहले सप्ताह में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य वेंडर्स को आयात और निर्यात की जाने वाली वस्तुओं व नियमों की सटीक जानकारी देना है, ताकि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को और मजबूत कर सकें।

इन वस्तुओं का होगा आयात
ऊन, रेडीमेड कपड़े, जूते, बकरी का पशम, बकरी की खाल, भेड़ की खाल, याक की पूंछ, बकरियां, भेड़े, याक के बाल, घोड़ा, नमक, सुहागा, चाइना क्ले, मक्खन, सिल्क, रजाई और कंबल, कालीन, गलीचे, लोकल हर्बल दवाएं।
इन वस्तुओं का होगा निर्यात
कृषि इनपुट, चावल, जौ, आटा, गेहूं कुट्टू, कॉफी, चाय, फल, सूखे मेवे, सूखी और ताजी सब्जियां, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, डिब्बा बंद भोजन, वनस्पति तेल, गुड़, मिसरी, मसाले, फल, कपड़ा, परिधान और हथकरघा, कपड़ा, वस्त्र, रंग, रेडीमेड गारमेंट्स, कंबल, हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, विनिर्माण, इंजीनियरिग घरेलू सामान, साइकिल, घड़ियां, जूते, स्टेशनरी, लेख, बर्तन, तांबे के उत्पाद, रसायन, तंबाकू उत्पाद, केरोसिन ऑयल, नसवार, स्थानीय जड़ी-बूटियां, स्थानीय हर्बल दवाएं, फूल, मनके-माला, प्रार्थना चक्र, अगरबत्ती और मक्खन के दीये।
1 जून से भारत-चीन बॉर्डर ट्रेड फिर से शुरू होने जा रहा है। इस व्यापार सत्र के लिए प्रशासन के पास अब तक करीब 55 व्यापारियों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इन सभी आवेदनों को सिक्योरिटी क्लीयरेंस के लिए भेज दिया गया है। जिसके मिलते ही व्यापारियों को ट्रेड व ट्रैवल पास जारी होंगे।-डॉ. अमित कुमार, सह-व्यापार प्राधिकर व डीसी किन्नौर।








