शिमला। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित 7वीं एशियाई चैंपियनशिप में भारत के लिए एक भावुक और गौरवपूर्ण पल सामने आया है। इस प्रतियोगिता में पिता और पुत्र की जोड़ी ने एक साथ पदक जीतकर न केवल अपने परिवार का सपना पूरा किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान भी बढ़ाया।

प्रतियोगिता के दौरान वरुण वालिया ने अपने शानदार कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वरुण की इस सफलता ने उन्हें एशिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। वहीं उनके पिता अमरचंद ने भी अपने अनुभव और जज्बे का परिचय देते हुए रजत पदक हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पिता अमरचंद ने अपनी खुशी साझा की और भावुक होते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से कोच संतोषी शर्मा महासचिव स्वात संघ हिमाचल प्रदेश का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सही मार्गदर्शन और कठोर प्रशिक्षण के बिना यह मुकाम हासिल करना मुमकिन नहीं था।
भविष्य के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा
यह जीत महज पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सालों की कड़ी मेहनत और उस साझा सपने का परिणाम है जो पिता और पुत्र ने एक साथ देखा था। खेल के मैदान पर एक साथ उतरना और दोनों का तिरंगे की शान बढ़ाना खेल जगत में एक दुर्लभ मिसाल बन गया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने की खबर मिलते ही खेल प्रेमियों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर वालिया परिवार को ढेरों बधाइयां मिल रही हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि वरुण की यह जीत और उनके पिता का समर्पण भविष्य के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगा।








