नाहन। महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में भारत ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए खिताब अपने नाम किया है। बांगलादेश की राजधानी ढाका में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार दूसरी बार विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
इस शानदार जीत में सिरमौर जिले की तीन बेटियों का अहम योगदान रहा। कप्तान रितु नेगी, उपकप्तान पुष्पा राणा और साक्षी शर्मा ने अपनी बेहतरीन खेल क्षमता से टीम को जीत दिलाई।
इन बेटियों की इस सफलता से न सिर्फ हिमाचल प्रदेश बल्कि सिरमौर जिले का नाम भी पूरी दुनिया में रोशन हुआ है।
जैसे ही इस ऐतिहासिक जीत की खबर पांवटा और शिलाई क्षेत्र में पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई। वहां के लोग खुशी से झूम उठे और जगह-जगह केक काटे और मिठाइयां बांटी। पूरा पांवटा और शिलाई क्षेत्र तिरंगे झंडों और तालियों की गूंज से गूंजता रहा। यह क्षण उनके लिए बेहद गर्व का था, क्योंकि सिरमौर की बेटियों ने अपने अदम्य साहस और मेहनत से न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि भारत का नाम भी ऊंचा किया।
प्रदेश कबड्डी फेडरेशन के सचिव कुलदीप राणा ने भी भारतीय महिला कबड्डी टीम को इस शानदार जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सचमुच एक गर्व का पल है।
सिरमौर की बेटियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि हिमाचल की धरती प्रतिभा से भरी हुई है। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक था, और हम सभी को एक पल के लिए चिंता हुई जब कप्तान रितु नेगी को चोट लगी। लेकिन उपकप्तान पुष्पा राणा ने पूरी जिम्मेदारी और हौसले के साथ टीम को संभाला और जीत दिलाई।
महिला कबड्डी वर्ल्ड कप में भारत की शानदार जीत न केवल खेल जगत की ऐतिहासिक उपलब्धि है, बल्कि सिरमौर की बेटियों द्वारा रचे गए इस स्वर्णिम अध्याय ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। यह विजय साबित करती है कि हुनर, मेहनत और जज़्बे के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। हिमाचल की धरती से उठी इन प्रतिभाओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला शक्ति का परचम लहराया है। यह जीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी और महिला खिलाड़ियों के सपनों को नई उड़ान देगी।