धर्मशाला। जिला के पुलिस थाना इंदौरा में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी मलकीत सिंह को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायालय ने 23 जून, 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत दोषसिद्ध घोषित किया। अदालत ने दोषी मलकीत सिंह को 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

जानकारी देते हुए जिला अटॉर्नी संजीव राणा ने बताया कि यह मामला वर्ष 2021 में पुलिस थाना इंदौरा द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ चालान अदालत में प्रस्तुत किया गया था। न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अदालती फैसले को क्षेत्र में नशे के कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस ने 8.51 ग्राम चिट्टा किया था बरामद
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इंदौरा उपमंडल के मीलवां क्षेत्र में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को 8.51 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) सहित गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार 3 अप्रैल 2021 को पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा की टीम के साथ प्राथमिक स्कूल मीलवां के समीप गश्त एवं नाकाबंदी पर मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस ने एक मोटरसाइकिल को जांच के लिए रोका। पूछताछ के दौरान पुलिस की नजर सड़क किनारे झाड़ियों से निकलकर आ रहे एक युवक पर पड़ी। पुलिस को देखकर युवक घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा। इस दौरान उसने अपनी जेब से एक पॉलीथिन का लिफाफा निकालकर सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस ने पीछा कर युवक को काबू कर लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान मलकीत सिंह (25) पुत्र सुखदेव सिंह निवासी गांव छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा के रूप में हुई। पुलिस द्वारा फेंके गए पॉलीथिन लिफाफे की तलाशी लेने पर उसमें हल्के भूरे और सफेद रंग का पाउडर बरामद हुआ। एनडीपीएस डिटेक्शन किट से जांच करने पर यह पदार्थ हेरोइन (चिट्टा) पाया गया। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर इसकी मात्रा 8.51 ग्राम पाई गई।








