हिमाचल में पुलिस पेपर लीक मामले में दोषी अधिकारी ले रहे प्रमोशन
मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नीट परीक्षा को लेकर युवाओं के बीच अभियान शुरू करने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और हिमाचल प्रदेश की सुखविंद्र सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंडी के जलशक्ति विभाग के विश्राम गृह में भाजपा की संगठनात्मक बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कोई गंभीरता से नहीं लेता है और वह केवल राजनीतिक लाभ के लिए युवाओं को गुमराह कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी ने उस राजस्थान से यह अभियान शुरू किया है जहां पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय सबसे ज्यादा 22 पेपर लीक हुए, लेकिन तब उन्होंने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने हिमाचल की सुक्खू सरकार को घेरते हुए कहा कि हाल ही में पुलिस भर्ती के दौरान मास चीटिंग और सीसीटीवी कैमरे बंद कर सामूहिक नकल कराने की शिकायतें आई, मगर सरकार मूकदर्शक बनी रही। भाजपा सरकार के समय जब ऐसा मामला मेरे समक्ष आया था, तो तुरंत मैंने जांच सीबीआई को सौंपी थी। डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी सीबीआई द्वारा दोषी आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने के बावजूद प्रदेश सरकार ने उन पर कार्रवाई करने के बजाय जांच रिपोर्ट को दबाए रखा और दोषी पुलिस अधिकारियों को अहम पदों पर बैठाकर प्रमोशन तक दे दी।
स्कूल संचालिका हत्या मामले में सरकार संवेदनहीन
इसके अतिरिक्त शिमला में हुई एक स्कूल संचालिका की निर्मम हत्या के लिए जयराम ठाकुर ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सनसनीखेज खुलासा किया कि उक्त महिला ने खुद की जान को खतरा बताते हुए पुलिस और सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई थी, लेकिन गृह विभाग संभाल रहे मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसका परिणाम महिला की हत्या के रूप में सामने आया। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।








