मंडी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने गृह क्षेत्र सराज के प्रवास के दौरान प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे विकास विरोधी और जनविरोधी करार दिया है। अपने गृह क्षेत्र सराज के छतरी में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने पंचायत चुनाव समय पर संपन्न करवाए होते तो आज ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य युद्धस्तर पर चल रहे होते, लेकिन आपदा का बहाना बनाकर चुनाव टालने वाली सरकार नौ माह बीत जाने के बाद भी राहत और पुनर्निर्माण के कार्य धरातल पर उतारने में पूरी तरह विफल रही है।

पंचायतों में ठप्प पड़े हैं काम
जयराम ठाकुर ने प्रदेश की जर्जर स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी सडक़ें मलबे से अटी पड़ी हैं, पेयजल योजनाएं तहस-नहस हैं और बिजली के खंभों तक की सुध नहीं ली गई है। नदी-नालों पर पुलिया निर्माण न होने से ग्रामीण आज भी उबड़-खाबड़ रास्तों से पैदल चलने को मजबूर हैं, जो सरकार की घोर लापरवाही का प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से लगातार मदद मिलने के बावजूद पंचायतों में काम ठप्प पड़े हैं और सरकार की मंशा पर अब उच्च न्यायालय भी सवाल उठा चुका है, फिर भी सत्ता में बैठे लोग मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।
विकास की अनदेखी का खामियाजा भुगत रही जनता
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के चरित्र पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि इनके लिए सत्ता सुख का साधन है और हम इसे सेवा का माध्यम मानते हैं। उन्होंने कहा कि विकास की इस अनदेखी का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है, जबकि भाजपा सदैव जनसेवा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध है। जयराम ठाकुर ने व्यवस्था परिवर्तन के नारे पर कहा कि सरकार का ध्यान केवल अपने मित्रों को उपकृत करने और उनके घर भरने पर है, जिसके लिए पार्टी के कर्मठ नेताओं तक की बलि दी जा रही है। उन्होंने छतरी कॉलेज के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में स्थानीय कॉलेज और आईटीआई जैसे संस्थानों की उपेक्षा पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दूरदराज के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए भटकना न पड़े, इसी सोच के साथ उन्होंने इन संस्थानों की नींव रखी थी, परंतु वर्तमान सरकार ने न केवल आईटीआई के ट्रेड कम कर दिए बल्कि कॉलेज को बंद करने का मसौदा तक तैयार कर लिया था।
कार्यकर्ताओं का उत्साह संगठन की असली ताकत
जयराम ने तकनीकी शिक्षा मंत्री से फोन पर बात कर आईटीआई के खाली पड़े भवन के एक भाग में कॉलेज शिफ्ट करने की बात उठाई ताकि असुरक्षित घोषित किए गए वर्तमान परिसर से छात्रों को राहत मिल सके। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाले छात्रों के लिए 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा करते हुए युवाओं को संघर्ष के साथ जीवन में आगे बढऩे का संदेश दिया। इस प्रवास के दौरान उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की और कार्यकर्ताओं के उत्साह को संगठन की असली ताकत बताया।










