ज्वालामुखी। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। ज्वालामुखी क्षेत्र के बलूग्लोआ के पास मटौर-कांगड़ा-शिमला फोरलेन पर सरिये से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुल के पिलर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक में लदा सरिया केबिन को चीरता हुआ चालक के शरीर में जा धंसा। हादसे में ट्रक चालक प्रवीण कुमार (50) पुत्र पोरखी राम, निवासी चैतड़ू की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद शव को निकालने में कई घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

गगल की ओर जा रहा था सरिये से लदा ट्रक
जानकारी के अनुसार ट्रक सरिया लेकर गगल की तरफ जा रहा था। बलूग्लोआ के पास अचानक ट्रक अनियंत्रित हो गया और फोरलेन पुल के पिलर से सीधे जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। केबिन में मौजूद चालक को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
केबिन चीरते हुए चालक के शरीर में धंसा सरिया
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक में लदा सरिया केबिन को चीरते हुए चालक के शरीर के आर-पार हो गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने जब दुर्घटना का मंजर देखा तो उनके होश उड़ गए। चालक को ट्रक से बाहर निकालना बेहद मुश्किल था। काफी प्रयासों के बाद कई घंटे में शव को दुर्घटनाग्रस्त वाहन से बाहर निकाला जा सका।
ब्रेक फेल होने की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
प्रारंभिक जानकारी में हादसे का कारण ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आएगी। पुलिस यह भी जांच करेगी कि हादसे के समय ट्रक की स्थिति क्या थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
हादसे के बाद फोरलेन पर लगा लंबा जाम
दुर्घटना के बाद सड़क पर ट्रक और सरिया बिखर गया। इससे मटौर-कांगड़ा मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
JCB-पोकलेन से हटाया गया दुर्घटनाग्रस्त ट्रक
हादसे के बाद प्रशासन और संबंधित टीमों ने सड़क से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और सरिया हटाने का काम शुरू किया। इसके लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद ली गई। ट्रक और सरिया हटाए जाने के बाद मार्ग को यातायात के लिए खोला गया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकी।








