विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा इस साल 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशानुसार, केदारनाथ पैदल मार्ग पर जमी बर्फ को हटाने के लिए मजदूर लगाए गए है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता राजविंद ने बताया कि इस बार चुनौती काफी बड़ी है। मार्ग में भैरव और कुबेर ग्लेशियर जैसे प्वाइंट्स पर 15 से 18 फीट तक बर्फ जमी हुई है। इस सफेद दीवार को काटकर रास्ता बनाना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन मजदूर शून्य से नीचे के तापमान में भी दिन-रात जुटे हुए हैं।

60 मजदूरों की टीम तैनात
प्रशासन द्वारा बर्फ हटाने के लिए 60 मजदूरों की टीम तैनात की गई है, जिन्हें दो भागों में विभाजित कर अलग-अलग स्थानों पर कार्य में लगाया गया है। एक 30 सदस्यीय टीम केदारनाथ धाम से नीचे की ओर बर्फ हटाने का कार्य कर रही है, जबकि दूसरी 30 सदस्यीय टीम छोटी लिंचोली से ऊपर की ओर बढ़ते हुए लगभग 6 प्रमुख ग्लेशियर प्वाइंट्स पर बर्फ हटाने में जुटी हुई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा शुरू होने से काफी पहले घोड़े-खच्चरों और पैदल यात्रियों के लिए मार्ग को पूरी तरह खोल दिया जाए।









