कुल्लू। कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कुल्लू क्षेत्रीय अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनु देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मामले की विभागीय जांच पूरी होने तक चिकित्सक निलंबित रहेंगी।

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक की रिपोर्ट में बताया गया कि 21 जून 2026 को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में डॉ. अनु देवी ने एक मरीज का ऑपरेशन किया था, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। इस घटना को गंभीर मानते हुए सरकार ने चिकित्सक के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया है।
आदेश में कहा गया है कि सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए डॉ. अनु देवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय शिमला रहेगा और सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को मरीज की मौत के मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विभागीय जांच में ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया, उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही और अन्य परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस मामले ने कुल्लू सहित पूरे प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। मरीज के परिजनों की शिकायतों और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया है कि चिकित्सा लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।







