डीसी जतिन लाल ने मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
चिंतपूर्णी। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के सावन अष्टमी मेले के पांचवें दिन सोमवार को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह तड़के से ही मां के दरबार में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था और दिनभर मंदिर परिसर तथा आसपास का क्षेत्र जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालु कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए मां के दर्शन कर रहे हैं।

मेले के पांच दिनों के दौरान अब तक सवा दो लाख से अधिक श्रद्धालु मां चिंतपूर्णी की पावन पिंडी के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, मेले के आगामी तीन दिन प्रशासन के लिए और चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी होने की संभावना है तथा करीब दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं के मां के दरबार में पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने सोमवार को मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न भीड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से मौके पर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
डीसी ने दिए आवश्यक सुझाव
डीसी ने भीड़ को नियंत्रित करने तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीड़ वाले स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कदम उठाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं भारी भीड़ के बीच मेला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वाहनों के आवागमन के लिए उठ रहे सवाल
मंदिर क्षेत्र में वाहनों के आवागमन के लिए जारी किए गए परमिट और निर्धारित समय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कई वाहन निर्धारित समय के बावजूद मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं, जिससे विभिन्न स्थानों पर बार-बार जाम की स्थिति बन रही है। इससे पैदल आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
श्रद्धालुओं से धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की अपील
मंदिर अधिकारी संजीव ने बताया कि श्रद्धालु शांतिपूर्वक मां के दर्शन कर अपने घरों को लौट रहे हैं। उन्होंने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धैर्य और अनुशासन बनाए रखते हुए मां के दर्शन करें तथा प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि भीड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों, सेक्टर मजिस्ट्रेट और मंदिर प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारी समय-समय पर मौके पर पहुंचकर भीड़ और यातायात व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।








