मंडी। हिमाचल प्रदेश की जीवनरेखा कहे जाने वाले चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे का बार-बार बंद होना अब केवल एक यातायात समस्या नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर गहरा असर डालने वाला संकट बन चुका है। चंडीगढ़ मनाली नेशनल हाईवे बीते पांच दिन से बंद है। इस पूरे मॉनसून सीजन में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे के पंडोह से औट के बीच में बार-बार बंद हो रहा है और इस वजह से मालवाहक चालकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बहुत से मालवाहक वाहन ऐसे हैं जो कई दिनों से यहां फंसे हुए हैं।
किसानों पर सबसे बड़ा प्रहार
दरअसल, बीती 31 अगस्त से नेशनल हाईवे लगातार ही बंद पड़ा हुआ है। बुधवार को कुछ समय के लिए इसे खोला गया था, लेकिन फिर से लैंडस्लाइड के कारण यह बंद हो गया है। फल-सब्जियां और अन्य प्रकार का सामान लेकर जा रहे वाहन चालकों ने बताया कि हाईवे बंद होने से लाखों का नुकसान हो गया है। फल और सब्जियां सड़ गए हैं, उधर, जो बाकी सामान ले जाया जा रहा है, वह भी खराब होने की कगार पर पहुंच गया है।
चालकों का कहना है कि हम लोग ऐसी स्थिति में हैं कि अब ये न तो आगे जाने को रहे हैं और न ही पीछे मुड़ने को। इन्होंने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि हाईवे खुलने की स्थिति में ऐसे वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर भेजा जाए जिनका सामान खराब हो रहा है या खराब होने की कगार पर है।
वहीं, एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि पंडोह से औट के बीच में हाईवे बार-बार बंद हो रहा है। मंडी से कुल्लू वाया कटौला मार्ग भी बंद पड़ा हुआ है। जैसे ही हाईवे खुल रहा है तो जरूरी सामान लेकर जा रहे वाहनों को पुलिस निगरानी में क्रॉस करवाया जा रहा है। बहुत से वाहनों को पंडोह, नौ मील और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। प्रशासन की मशीनरी मौके पर तैनात है लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण हाईवे बहाली के कार्य में काफी परेशानी पेश आ रही है।