मंडी। मंडी जिले में रविवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई। घटासनी-बरोट मार्ग पर पंचायत जिल्हण के सिल्हासवाड़ गांव में एक 26 वर्षीय महिला ने अपने चार साल के बच्चे को जहर देकर खुद भी निगल लिया। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और इसके पीछे की वास्तविक वजह क्या थी।

सिल्हासवाड़ गांव में बिगड़ी मां-बेटे की तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला की पहचान 26 वर्षीय जय ललिता पत्नी पवन कुमार और उसके चार वर्षीय बेटे कनिष्क के रूप में हुई है। बताया गया कि रविवार सुबह महिला का पति पवन कुमार, जो मिस्त्री का काम करता है, एक मकान में स्लैब डालने के लिए काम पर गया था। वहीं, परिवार के अन्य सदस्य भी खेतों में काम करने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान घर में महिला और उसका बेटा मौजूद थे।
तबीयत बिगड़ने पर पड़ोसियों ने पहुंचाया अस्पताल
कुछ समय बाद महिला और बच्चे की तबीयत बिगड़ने की जानकारी पड़ोसियों को मिली। उन्होंने तत्काल परिजनों को सूचना दी और दोनों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों को प्राथमिक उपचार दिया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक रेफर कर दिया गया। 108 एंबुलेंस के माध्यम से दोनों को नेरचौक ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सिल्हासवाड़ स्थित घटनास्थल का निरीक्षण किया है। इसके साथ ही अस्पताल में परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस बोली- जांच के बाद स्पष्ट होगी वजह
पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला और उसके बच्चे की हालत चिंताजनक है तथा दोनों का नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। एसपी के अनुसार पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है और अस्पताल में परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
मां-बेटे के स्वास्थ्य पर टिकी नजर
इस घटना के बाद परिवार और गांव में चिंता का माहौल है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात मां और बच्चे का उपचार है। दोनों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिकित्सकीय निगरानी जारी है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।








