मंडी । मंडी जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड अधिकारी साइबर अपराधियों के खौफनाक मनोवैज्ञानिक जाल में इस कदर फंसे कि उन्होंने खुद अपनी जिंदगी भर की कमाई (1 करोड़ 14 लाख रुपए) ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दी। शातिरों ने अधिकारी को फर्जी जांच एजेंसियों का डर दिखाकर पूरे दो महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा।

शिकायतकर्ता के मुताबिक साइबर शातिरों ने उन्हें वीडियो कॉल की और खुद को कभी प्रवर्तन निदेशालय, कभी क्राइम ब्रांच तो कभी अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का आला अधिकारी बताया। वीडियो कॉल पर ही ठगों ने रिटायर्ड अफसर को धमकाया कि उनका नाम एक बेहद गंभीर आर्थिक अपराध की जांच में सामने आया है। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट का खेल शुरू हो गया। शातिरों ने अफसर को डराकर पाबंद कर दिया कि वे किसी से संपर्क नहीं करेंगे और जांच पूरी होने तक लगातार उनकी डिजिटल निगरानी में रहेंगे।
वैरिफिकेशन के नाम पर खातों में ट्रांसफर करवाए पैसे
रिटायर्ड अधिकारी को ठगों ने झांसा दिया कि उनके बैंक खातों की धनराशि को वैरिफिकेशन और सिक्योरिटी के लिए सरकारी निगरानी वाले खातों में जमा कराना होगा। भरोसा दिलाया कि जांच में निर्दोष साबित होने पर पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। इसी डर से अधिकारी ने 3 नवंबर, 2025 से 2 जनवरी, 2026 के बीच अलग-अलग किस्तों में 1 करोड़ 14 लाख रुपए जालसाजों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
समय बीत जाने के बाद न तो रकम वापस आई और न ही उन कथित अधिकारियों से दोबारा कोई संपर्क हो पाया, तब जाकर रिटायर्ड अधिकारी की नींद टूटी। पीड़ित मंडी के साइबर क्राइम पुलिस थाने पहुंचा और अपने साथ हुई इस ठगी की पूरी आपबीती सुनाई। मंडी पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर ठगों के नैटवर्क को खंगालने के लिए आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।








