चंबा । मणिमहेश यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पांच अगस्त से शुरू हो रहा है। श्रद्धालु यात्रा के लिए अपना पंजीकरण आधिकारिक वेबसाइट https://manimaheshyatra.hp.gov.in के माध्यम से कर सकेंगे। प्रथम चरण में 25, 26 और 27 अगस्त की यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण उपलब्ध कराया जाएगा।

हर दिन अधिकतम 5,000 श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति प्रदान की जाएगी। सभी स्लॉट पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटित किए जाएंगे। भरमौर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण के बिना किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे पंजीकरण प्रारंभ करने से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, जिससे ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नवीनतम एवं प्रामाणिक जानकारी के लिए नियमित रूप से वेबसाइट का अवलोकन करते रहें।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें। एडीएम विकास शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम एवं दिव्य अनुभव बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
वेबसाइट पर मिलेगी मौसम की जानकारी
मणिमहेश यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के उद्देश्य से भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भरमौर क्षेत्र के लिए विशेष मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध करवाया है। आईएमडी ने विशेष मौसम पूर्वानुमान लिंक को मणिमहेश यात्रा की आधिकारिक वेबसाइट https://manimaheshyatra.hp.gov.in पर उपलब्ध करवाया है।
पंजीकरण के लिए ये दस्तावेज होना जरूरी
श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण करते समय निर्धारित दस्तावेज एवं आवश्यक जानकारी सही ढंग से उपलब्ध करवानी होगी। प्रत्येक श्रद्धालु के लिए सरकार की ओर से जारी वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा पासपोर्ट) अपलोड करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा को देखते हुए पंजीकृत चिकित्सक (आरएमपी) की ओर से जारी मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र भी अपलोड करना आवश्यक होगा। निजी वाहन से यात्रा करने वाले श्रद्धालु प्रारंभिक पंजीकरण वाहन नंबर के बिना भी कर सकते हैं, लेकिन अंतिम यात्रा पर्ची डाउनलोड करने से पहले वाहन का पंजीकरण नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। वहीं, सरकारी अथवा निजी बस से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को वाहन नंबर दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है। वे पंजीकरण के दौरान बस विकल्प का चयन कर अथवा सीट नंबर दर्ज कर अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।








