भरमौर। उत्तरी भारत की प्रमुख और कठिन तीर्थ यात्राओं में शामिल श्री मणिमहेश यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए भरमौर प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) भरमौर विकास शर्मा ने मणिमहेश डल झील से हड़सर तक पैदल यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने रास्ते की स्थिति, श्रद्धालुओं की आवाजाही और यात्रियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों और फील्ड स्टाफ से भी मौके पर मार्ग की स्थिति को लेकर जानकारी ली गई।
निरीक्षण के बाद एडीएम विकास शर्मा ने कहा कि हड़सर से श्री मणिमहेश तक पैदल यात्रा मार्ग वर्तमान में यात्रियों के लिए ठीक है और यात्रा सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने यात्रा मार्ग के अलग-अलग हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया और जहां भी व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है, वहां तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुआ रास्ता
प्रशासन के अनुसार पैदल यात्रा मार्ग पर कुछ स्थानों पर रास्ता थोड़ा क्षतिग्रस्त हुआ है। इन स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है और मरम्मत एवं सुधार कार्य शुरू करवा दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और मार्ग सुरक्षित बना रहे।
PWD को जल्द मरम्मत के निर्देश
एडीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पैदल मार्ग से होकर पहुंचते हैं। ऐसे में रास्ते की स्थिति पर लगातार निगरानी रखना जरूरी है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एडीएम विकास शर्मा ने स्पष्ट किया कि मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को यात्रा मार्ग पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की सक्रियता से यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन की नजर यात्रा मार्ग पर
मणिमहेश यात्रा के दौरान मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए पैदल मार्ग की स्थिति महत्वपूर्ण रहती है। ऐसे में प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत करवाना श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।








