रूस के पूर्वी कामचाटका प्रायद्वीप में बुधवार को 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया है, जिसे 1952 के बाद सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है। भूकंप के तुरंत बाद रूस, जापान, अमेरिका (हवाई, कैलिफोर्निया, वाशिंगटन) समेत कई देशों में सुनामी अलर्ट जारी कर दिया गया है। तेजी से उठती समुद्री लहरों ने रूस के बंदरगाह शहर सेवेरो-कुरील्स्क को चपेट में ले लिया है। सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा चुके हैं जबकि कई तटीय शहरों में बंदरगाह, होटल और हवाई अड्डे बंद कर दिए गए हैं।
जापान में भी तटीय इलाकों में लोगों को उच्च स्थानों की ओर जाने के निर्देश दिए गए हैं। इधर भारत के मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस भूकंप का फिलहाल भारत पर कोई सीधा खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस भयानक भूकंप और सुनामी अलर्ट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी, आधिकारिक चेतावनियां और दुनिया भर से आ रहे विजुअल्स के साथ हम आपको यहां लाइव अपडेट्स के जरिए लगातार जानकारी दे रहे हैं।
पूर्वोत्तर जापान के कुइजी पोर्ट पर दिखीं 4.3 फुट ऊंची सुनामी लहरें
जापान के पूर्वोत्तर हिस्से में, कुइजी पोर्ट (इवाते प्रांत) पर 1.3 मीटर (4.3 फुट) ऊंची सुनामी लहरें दर्ज की गई हैं। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया है कि सुनामी की लहरें बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि आगे भी लहरों के मजबूत होने की संभावना है।
अमेरिका के अलास्का में पहुंचीं पहली सुनामी लहरें
अमेरिका के अलास्का राज्य के तटों पर सुनामी की पहली लहरें पहुंच चुकी हैं। इस समय हवाई राज्य, अलास्का के एल्यूसियन द्वीप समूह और उत्तरी कैलिफोर्निया के हिस्सों में सबसे गंभीर यानी सुनामी वार्निंग जारी है, जबकि अमेरिका के बाकी पश्चिमी तटीय राज्यों में सुनामी एडवाइजरी जारी की गई है। यूएस सुनामी वार्निंग सेंटर के अनुसार, हवाई में लहरें कभी भी टकरा सकती हैं। वहीं, ओरेगन और वॉशिंगटन में रात 11:35 बजे (पैसिफिक टाइम) से लहरें आने की उम्मीद है। कैलिफोर्निया में सुनामी लहरें रात 11:50 बजे से टकराना शुरू हो सकती हैं, जिसमें सैन फ्रांसिस्को बे में 12:40 बजे और लॉस एंजिल्स हार्बर में करीब 1:00 बजे इन्हें पहुंचने का अनुमान है।





