प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बाल्याली से टकरेड़ सडक़ का निर्माण निर्धारित समय सीमा 7 जनवरी 2024 बीत जाने के बावजूद अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। मौके पर किए जा रहे कार्य और विभागीय दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
करीब 13 करोड़ के खर्च से उन्नयन होने वाले इस सडक़ पर करीब 6 करोड़ निर्माण पर तथा करीब सात करोड़ पांच वर्षों तक सडक़ के रख रखाव पर खर्च होने हैं। मगर अभी तक सडक़ के किनारे ड्रेनेज नालियां तक नहीं बनाई गई हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई महीनों से सड़क निर्माण की गति बेहद धीमी रही। अब जाकर नगेनी खड्ड क्रशर के पास सडक़ को पक्का करने का काम शुरू किया गया है और साथ ही विभाग द्वारा बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह काम भी पूर्ण गुणवत्ता के साथ नहीं हो रहा है और डंगे कंक्रीट की सपोर्ट दीवारें शुरू से ही खराब निर्माण की पोल खोल रहे हैं।
पहली ही बारिश में टेढ़े हो गए डंगे, विभाग कर रहा लीपापोती
लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई, जिसका नतीजा यह रहा कि पहली ही बरसात में डंगे टेढ़े होकर झुक गए। अब विभाग इन्हें फिर से लीपने-पोतने में लगा हुआ है, जबकि असली सवाल निर्माण की गुणवत्ता का है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर डंगे पहली बारिश भी नहीं सह पाए तो आने वाले दिनों में भारी बारिश या वाहनों के भार को कैसे झेलेंगे।
एक बड़ा विवाद सोहर चौक क्षेत्र से जुड़ा है, जहां विभाग ने सडक़ की भूमि अपने कब्जे में तो ले ली, मगर इस हिस्से को पक्का करने से ठेकेदार और विभाग दोनों बचते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस हिस्से को जानबूझकर अधूरा छोड़ा जा रहा है, जबकि सड़क की संपूर्णता इसी खंड पर निर्भर करती है।
निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाई जाए
कार्य समय पर पूरा न होने से लोगों को भारी दिक्कत हो रही है, रोजाना आने-जाने वालों को उबड़-खाबड़ मार्ग से गुजऱना पड़ रहा है। धूल, कीचड़ और मिट्टी की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिरकार इसका जवाबदेह कौन है।
ग्रामीणों ने यह भी पूछा कि जब बोर्ड पर निर्माण लागत, आरंभ व समाप्ति की तारीख और 5 साल तक टिकाऊ गारंटी का दावा लिखा है, तो फिर गुणवत्ता की यह स्थिति कैसे हो गई। लोगों ने सरकार से मांग की है कि निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच करवाई जाए, दोषी पाए जाने पर ठेकेदार पर कार्रवाई हो, अधूरा छोड़े गए हिस्सों, विशेषकर सोहर चौक वाले खंड को तुरंत पक्का किया जाए और डंगों को सतही मरम्मत की बजाय पूरी तरह से दोबारा मजबूती से बनाया जाए।
सड़क का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है। सोहर चौक के पास सडक़ को जल्द ही पक्का करवाया जाएगा। ड्रेनेज अभी बनाई जानी है और डंगे जो बरसात में थोड़ा टेढ़े हुए थे अब वहां क्रेट लगाए जा रहे हैं । सड़क को जल्द ही पूरा किया जाएगा।
घनश्याम, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग- उपमंडल मढ़ी