नई दिल्ली : अगले साल की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा चुनाव लडऩे की जनता दल(यूनाइटेड) की तैयारी के बीच बिहार के मुख्यमंत्री व पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने शराबबंदी को दिल्ली में भी लागू करने पर जोर दिया है।
जदयू अध्यक्ष ने यहां बुधवार को अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिहार के लिए भी विशेष दर्जे की अपनी मांग दोहराई जबकि मोदी सरकार पूर्व में इस मांग को खारिज कर चुकी है। कुमार ने कहा, जिस तरह से हम बिहार के लिए विशेष दर्जा चाहते हैं, उसी तरह से हम दिल्ली के लिए भी पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते हैं। उन्होंने कहा, मद्य-निषेध एक बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है और इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। इसे दिल्ली में क्यों नहीं लागू किया जाना चाहिए? शराब बहुत ही बुरी चीज है जिसपर (बिक्री और उपभोग) हमने 2016 में प्रतिबंध लगा दिया।
हमने महिलाओं के अनुरोध पर मद्य-निषेध लागू किया। इससे घरेलू हिंसा में कमी आई है और कानून-व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। कुमार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर उनकी उस टिप्पणी को लेकर कटाक्ष किया कि बिहार से लोग 500 रुपए का टिकट खरीद दिल्ली पहुंच जाते हैं और यहां मुफ्त में 5 लाख रुपए का चिकित्सा लाभ उठाते हैं।
कुमार ने कहा, दिल्ली के अस्पताल सभी के लिए हैं। बिहार का नाम क्यों लिया गया? कोई भी कहीं से इलाज के लिए दिल्ली आ सकता है, चाहे वे उत्तर प्रदेश के हों, हरियाणा के हों या बिहार या कहीं और जगह के, सभी लोग दिल्ली आ सकते हैं। हालांकि केजरीवाल ने बाद में स्पष्ट किया था कि उन्होंने केवल अपनी सरकार द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख किया था और इसका मतलब किसी को निशाना बनाना नहीं था।
कुमार ने यह भी कहा कि कैसे उनकी सरकार अपनी उपलब्धियों के बारे में प्रचार करने में विश्वास नहीं करती है। उन्होंने कहा, ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो काम कम करते हैं लेकिन प्रचार अधिक करते हैं। हम उनमें से नहीं हैं जो ऐसा करते हैं। बिहार में सरकार के विज्ञापनों की संख्या कम-से-कम होती है। उन्होंने कहा, हम अपनी उपलब्धियों का प्रचार नहीं करते हैं। हम लोगों की सेवा करने में विश्वास करते हैं और यही काम हम बिहार में कर रहे हैं। उन्होंने यह तय करने का फैसला पार्टी की दिल्ली इकाई पर छोड़ दिया कि विधानसभा चुनाव में जद(यू) कितनी सीटों पर लड़ेगी।
जदयू भाजपा की सहयोगी पार्टी है लेकिन उनका गठबंधन सिर्फ बिहार तक ही सीमित है और बाहर जदूय अकेले ही चुनाव मैदान में उतरती है। यहां पार्टी की नजर बिहार और पूर्वांचल के मतदाताओं पर है। राष्ट्रीय राजधानी व केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में हालांकि सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी, भाजपा और कांग्रेस प्रमुख दावेदार हैं। कुमार ने कहा कि अगर बिहार के लोग एक दिन के लिए भी काम करना बंद कर दें, तो दिल्ली ठप हो जाएगी।
उन्होंने कहा, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है और यह पूरे देश की है। कई अन्य शहरों के लोग यहां रहते हैं। बड़ी संख्या में बिहार के लोग यहां रहते हैं और यहां उनकी बहुत बड़ी भूमिका है। पहले उनका मजाक उड़ाया जाता था, लेकिन अब वे गर्व से कहते हैं कि हम बिहार से हैं। कुमार ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को यह बताने की अपील की कि उनकी सरकार में बिहार में किस तरह से विकास कार्य हुए हैं और राज्य की प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा, हमने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार किया है और राज्य में शांति और सद्भाव लाया गया। हमने बिहार में महिला सशक्तिकरण के लिए काम किया है। उन्होंने दिल्लीवासियों के लिए स्वच्छ पेयजल के लिए एक अभियान शुरू करने की भी बात की, जैसे उनकी सरकार बिहार में हर घर नल का जल अभियान चला रही है। उन्होंने कहा, दिल्ली जल बोर्ड मुख्यमंत्री के अधीन आता है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी को पानी मिले। हमें इसके लिए एक अभियान शुरू करना है।









