कांगड़ा जिला के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की पंचायत मिझग्रां में एक बार फिर भूस्खलन ने जमकर तबाही मचाई है। पंचायत के वार्ड नंबर 5 में बुधवार सुबह हुए बड़े भूस्खलन से पांच मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि छह गोशालाएं भी इसकी चपेट में आ गईं। इस आपदा में लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है।
गनीमत यह रही कि समय रहते प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते गांव के ऊपर की पहाड़ी खिसक गई और देखते ही देखते कई मकान मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि करीब तीन वर्ष पहले भी इसी पंचायत के एक गांव को भूस्खलन ने तबाह किया था और अब उसी त्रासदी के तीसरे वर्ष में यह दूसरी बड़ी घटना सामने आई है।
प्रशासन मौके पर सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रधान सुमन देवी, उपप्रधान सुदर्शन सिंह और स्थानीय प्रतिनिधि राहत कार्य में जुट गए। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है और हर संभव मदद उपलब्ध करवाई जा रही है।
नूरपुर तहसीलदार राधिका सैनी भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह पूरा क्षेत्र स्लाइडिंग की जद में है। सबसे पहले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अब तक पांच मकान और छह गौशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिनमें छह परिवार प्रभावित हुए हैं।
सभी परिवारों को सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राहत सामग्री जैसे तिरपाल इत्यादि वितरित कर दी गई है और हर संभव मदद उपलब्ध करवाई जाएगी। तहसीलदार ने यह भी बताया कि पंचायत हड़ल में भी तीन मकान भूस्खलन की चपेट में आए हैं। प्रशासन ने वहां भी राहत व बचाव कार्य किया और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।
लोगों में दहशत
लगातार बारिश और पहाड़ खिसकने की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि हर साल बरसात में इस तरह की आपदा उनके लिए डर का सबब बन जाती है। अब लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें बार-बार बेघर न होना पड़े।