डरोह। कांगड़ा जिले के भवारना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बसकेहड़ के वार्ड नंबर-5 में रविवार सुबह एक गरीब परिवार के लिए बेहद दर्दनाक दिन साबित हुआ। देश राज के स्लेटपोश मकान में अचानक भीषण आग लग गई और देखते ही देखते पूरा घर आग की लपटों में घिर गया।

गनीमत रही कि घर में मौजूद महिलाएं और बच्चे समय रहते बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग ने परिवार की पूरी गृहस्थी, राशन, कपड़े और मिट्टी के बर्तनों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 9:30 बजे देश राज के घर से अचानक धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। उस समय घर के अंदर महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। आग तेजी से फैलती देखकर परिवार में अफरा-तफरी मच गई। हालात को भांपते हुए महिलाओं और बच्चों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने मकान के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों ने सबसे पहले संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इसी बीच दमकल विभाग को भी सूचना दी गई। कुछ ही समय बाद फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लीडिंग फायरमैन भुपिंदर कुमार, फायरमैन रंजू जग्गी, चंद्रवीर तथा होमगार्ड जवान सूर्यकांत और मनोज कुमार ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से आसपास स्थित अन्य मकानों तक आग की लपटें पहुंचने से रोक दी गईं।
मिट्टी के बर्तन ही थे परिवार की रोजी-रोटी का सहारा
इस आगजनी ने परिवार को सिर्फ रहने के लिए घर से ही नहीं, बल्कि रोजगार के साधन से भी वंचित कर दिया है। पीड़ित देश राज का परिवार मेहनत-मजदूरी के साथ मिट्टी के बर्तन बनाकर अपनी आजीविका चलाता था। आग में घर का राशन, कपड़े और अन्य घरेलू सामान तो जला ही, परिवार द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के बर्तन भी पूरी तरह नष्ट हो गए। यानी जिस सामान से परिवार की रोजी-रोटी चलती थी, वही आग की भेंट चढ़ गया। अब परिवार के सामने घर और रोजमर्रा की जरूरतों के साथ आजीविका दोबारा खड़ी करने की चुनौती भी है। घटना की सूचना मिलते ही पंचायत प्रतिनिधि और हलका पटवारी मौके पर पहुंचे। पटवारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आग से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की। बारिश के मौसम को देखते हुए प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के तौर पर तिरपाल उपलब्ध करवाया गया है। प्रशासन ने परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांगा उचित मुआवजा
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा जल्द जारी करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की गृहस्थी के साथ-साथ उसकी आय का साधन भी आग में नष्ट हो गया है। ऐसे में केवल घर के नुकसान की भरपाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि परिवार को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए भी सहायता की जरूरत है।








