धर्मशाला। तपोवन में हिमाचल विधानसभा परिसर के बाहर आज सुक्खू सरकार के मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों ने भाजपा के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर कांग्रेस विधायक और मंत्री आज सदन से बाहर आए और सीढ़ियों पर बैठकर मंत्री और विधायकों ने ‘भाजपा भगाओ, बेटी बचाओ’ के नारे लगाए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली भाजपा खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ाने का काम कर रही है।
विधानसभा के बाहर प्रदर्शन में मंत्री, जगत सिंह नेगी, मंत्री चंद्र कुमार मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी और कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर, विधायक भवानी सिंह पठानिया और लाहौल स्पीति विधायक अनुराधा सहित कई नेता मौजूद रहे।
‘भाजपा के नेता से विधायक तक यौन शोषण मामले में घिरे’
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा, ‘भाजपा के लोग कहते है कि हिमाचल में कानून व्यवस्था का मामला है। लेकिन कानून व्यवस्था का मामला तो बीजेपी पार्टी की वजह से हो रहा है। बीजेपी के बुजुर्ग, युवा नेता से लेकर विधायक तक सारे के सारे यौन शोषण मामले में उलझे हुए हैं। इसके ऊपर भाजपा के जो नेता हैं, उनके मुंह पर ताला लगा हुआ है। इस बारे में वे लोग एक शब्द नहीं बोलते। सबसे बड़ा कानून व्यवस्था का प्रॉब्लम जो है, वो यौन शोषण का है और बीजेपी पार्टी के अनेक पदाधिकारी है, वे इसमें सम्मिलित हैं’।
जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा कानून-व्यवस्था पर भाजपा बहस की मांग तो कर रही है, लेकिन उनके ही विधायक नियम तोड़ने की घटनाओं में शामिल हैं। यौन शोषण में फंसे भाजपा विधायक उसी बिगड़ती व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण हैं। भाजपा सदन की गरिमा पर बात करती है, लेकिन खुद उसके नेता ही अनुशासन भंग कर रहे हैं।
राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा कानून-व्यवस्था पर बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके ही विधायक लगातार नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। विधानसभा की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है, लेकिन जो लोग कानून का पाठ पढ़ाते हैं, वही सबसे पहले उसे तोड़ते हैं।
उन्होंने कहा हमने आज तख्तियां लेकर विरोध इसलिए किया है, ताकि जनता के सामने यह दोहरा चरित्र साफ हो सके। भाजपा को पहले अपने विधायकों को नियंत्रित करना चाहिए, उसके बाद ही कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने चाहिए। कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है, लेकिन अन्याय और इस तरह के व्यवहार पर चुप नहीं रह सकती।