नाहन। जिला सिरमौर में बेमौसम बारिश ने गेहूं की सरकारी खरीद की रफ्तार पर शुरुआत में ही ब्रेक लगा दिया है। खेतों में फसल तैयार खड़ी है, खरीद केंद्र खुल चुके हैं, लेकिन मौसम की बेरुखी के चलते मंडियों तक अनाज नहीं पहुंच पा रहा। हालात यह हैं कि सरकारी खरीद के दूसरे ही दिन प्रमुख केंद्रों पर आवक बेहद कमजोर रही और मंडियां लगभग सूनी नजर आईं। जिले में 8 अप्रैल से खाद्य आपूर्ति विभाग और कृषि उपज मंडी समिति के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन जैसे ही खरीद को रफ्तार पकड़नी थी, वैसे ही बारिश ने पूरी व्यवस्था की चाल धीमी कर दी।

सिरमौर में इस समय करीब 22,300 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है, मगर खेतों में नमी और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों के कदम रोक दिए हैं। बुधवार को सबसे ज्यादा असर पांवटा साहिब खरीद केंद्र में देखने को मिला, जहां पूरे दिन में सिर्फ 24 क्विंटल गेहूं ही पहुंच पाया। वहीं धौलाकुआं खरीद केंद्र पूरी तरह खाली रहा और वहां एक भी किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचा। सरकारी खरीद की शुरुआत के लिहाज से यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
फसल कटाई का निकल रहा है समय
किसानों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि फसल कटाई का समय निकल रहा है, जबकि मौसम साथ नहीं दे रहा। खेतों में खड़ी गेहूं पर यदि लगातार नमी बनी रही तो कटाई में देरी होगी और यदि तेज आंधी के साथ फसल गिर गई तो नुकसान का खतरा और बढ़ जाएगा।
अब मौसम साफ होने का इंतजार
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गिरी हुई गेहूं की फसल में लंबे समय तक पानी खड़ा रहने पर फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि किसान इस समय मंडियों से ज्यादा आसमान की ओर देख रहे हैं। धूप निकलने और खेत सूखने के बाद ही कटाई और ढुलाई सामान्य रफ्तार पकड़ सकेगी।
सरकारी खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं मौजूद
सरकारी खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन मौसम ने पूरे समीकरण को बिगाड़ दिया है। खरीद एजेंसियां आवक बढ़ने का इंतजार कर रही हैं, जबकि किसान साफ मौसम की उम्मीद में फसल रोककर बैठे हैं। यदि अगले एक-दो दिन मौसम साफ रहता है, तो मंडियों में गेहूं की आवक अचानक बढ़ सकती है।
तेज आंधी और ओलावृष्टि से तैयार हो रही गेहूं की फसल को नुकसान हो सकता है, जबकि सामान्य बारिश से कोई खास नुकसान नहीं होगा। बारिश से गेहूं के दाने का रंग बदल सकता है, लेकिन गुणवत्ता पर विशेष असर नहीं पड़ेगा। यदि फसल गिर जाए और खेत में लंबे समय तक पानी खड़ा रहे तो फंगस लगने का खतरा रहता है। वीरवार से मौसम में बदलाव शुरू हो गया है और अब मौसम खुलने लगा है।-साहब सिंह, जिला कृषि उपनिदेशक।
इस बार जिले में गेहूं की फसल अच्छी है, लेकिन लगातार बारिश के कारण किसान अपनी उपज खरीद केंद्रों तक नहीं ला पा रहे हैं। सरकार की ओर से 8 अप्रैल से गेहूं की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, मगर मौसम की बाधा के चलते खरीद को अपेक्षित रफ्तार नहीं मिल पाई है।-सीताराम शर्मा, अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी समिति, सिरमौर।









