बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में मानसून जाते-जाते भी तबाही मचा रहा है। लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडी और शिमला के बाद अब बिलासपुर जिला भी भयंकर बारिश की चपेट में आ गया है। कई जगह फ्लैश फ्लड के चलते सड़कों पर मलबा और पत्थर भर गए, जिससे एचआरटीसी की बसें भी फंस गईं। राहत की बात यह है कि इनमें तैनात कर्मचारी सुरक्षित हैं।
सड़कें बंद, यातायात बाधित
चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर लैंडस्लाइड होने से यातायात एकतरफा कर दिया गया है। वहीं, चंडीगढ़-स्वारघाट-मनाली (पुराना एनएच) मार्ग बैनर और घम्बरौला के पास भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि कीरतपुर-नेरचौक फोर लेन सड़क पर भी महला और समलेतु के पास केवल एक तरफा यातायात ही चल रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बीते 12 घंटों में बिलासपुर के नैना देवी में 140.8 मिमी, बिलासपुर में 122.8 मिमी, काहू में 92.3 मिमी और नाहन (सिरमौर) में 80.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बिलासपुर जिले में कुल 24 सड़कें अवरुद्ध हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा 13 सड़कें नैना देवी उपमंडल में, 4 सड़कें सदर में, 3 सड़कें घुमारवीं में और 4 सड़कें झंडूत्ता में बंद हो गई हैं। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने मशीनरी लगाकर सड़क बहाली का काम शुरू कर दिया है।
डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि बिलासपुर के ऋषिकेश में फ्लैश फ्लड के चलते बसें फंस गई थीं, हालांकि सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।